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हाथरस : जिले में अलग से बने हींग नगरी, प्रयोगशाला भी हो स्थापित

Wed, 16 Feb 2022 12:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 12:27 AM IST
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Hathras: Separately made asafetida city in the district, laboratory should also be established
हाथरस : फैक्टरी में तैयार होती हींग। संवाद - फोटो : HATHRAS
गौरव भारद्वाज
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हाथरस। हाथरस की हींग का जिक्र इस समय सियासी मंचों पर जोर-शोर से हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को जब हाथरस आए तो उन्होंने हाथरस की हींग की महक का जिक्र किया तो इससे पहले सिकंदराराऊ में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी कहा कि यदि उनकी सरकार बनी तो वह हाथरस की हींग की आपूर्ति विदेश में कराएंगे। नेताओं के मुंह से हाथरस की हींग का जिक्र सुनकर यहां के हींग उद्यमी खुश हैं, लेकिन वह यह भी कह रहे हैं कि नेता अब चुनाव के वक्त जो वादा कर रहे हैं। उसे चुनाव के बाद पूरा भी करें। इस उद्योग के लिए और ज्यादा सहूलियतें दें। यहां ट्रांसपोर्ट नगर भी स्थापित हो, जिससे यह उद्योग और ज्यादा विकसित होगा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस हींग उत्पादन का बड़ा केंद्र है। हींग के कच्चे माल की आपूर्ति अफगानिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान आदि से देशों से होती है। जानकारों की मानें तो वहां से रेजीन यानि दूध आता है। वहां पाए जाने वाले एक पौधे से दूध निकलता है। इसे हींग में बदलने की प्रक्रिया हाथरस में होती है। यहां हींग की चार दर्जन के करीब इकाइयां हैं। हींग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए करीब तीन साल पहले सरकार ने इसे एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में भी शामिल कर लिया है। इस बार बजट में हींग के कच्चे माल पर आयात शुल्क भी समाप्त कर दिया गया है। यहां के उद्यमी चाहते हैं कि हींग की नगरी हाथरस को इस उद्योग के लिए कुछ और सहूलियतें मिलें तो यह उद्योग और ज्यादा महकेगा। संवाद
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हींग की जांच के लिए आगरा व दिल्ली जाते हैं कारोबारी
हाथरस। हाथरस में हींग का कारोबार करने वाले लोगों को हींग तैयार करने के बाद दिल्ली व आगरा में निजी लैबों की मदद लेनी पड़ती है। निजी प्रयोगशाला में जांच की गारंटी भी शत-प्रतिशत नहीं है। इस कारण कारोबारी हींग की जांच के लिए यहां सरकारी प्रयोगशाला स्थापित की जाए। यहां हींग उत्पादन के लिए अलग से उद्योग नगरी स्थापित की जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे यहां की हींग की आपूर्ति विदेश में भी हो सके। संवाद
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सरकार ने हींग को एक जिला एक उत्पाद में शामिल करने का अच्छा निर्णय लिया था। उससे भी ज्यादा अच्छा निर्णय इस बजट में लिया था, जब हींग के कच्चे माल से आयात शुल्क हटा दिया था। अब हींग की गुणवत्ता की जांच के लिए यहीं प्रयोगशाला बननी चाहिए। वैसे जिस तरह राजनेता हाथरस के हींग उद्योग के विकास का वादा कर रहे हैं, उससे यह आशा है कि इस उद्योग के लिए आने वाले समय में और ज्यादा सहूलियतें मिलेंगी।
-मनोज अग्रवाल हींग उद्यमी
हींग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार को हाथरस में हींग नगरी की अलग से स्थापना करनी चाहिए। यहां ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जाए, ताकि हींग का कारोबार सुगमता से रफ्तार पकड़े। अभी हींग की जांच के लिए आगरा व दिल्ली जाना पड़ता है, इसलिए एक सरकारी खाद्य प्रयोगशाला बननी चाहिए।

-पंकज अग्रवाल, उद्यमी
हाथरस के हींग उद्योग को एक जिला एक उत्पाद में शामिल करना प्रदेश सरकार का अच्छा निर्णय रहा है। आने वाली सरकार से हमारी यह मांग है हींग उद्योग को बढ़वा देने के लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त किया जाए। हींग की जांच के लिए प्रयोगशाला बनाई जाए, ताकि हींग की जांच में बर्बाद होने वाला समय बच सके।
-राजेश अग्रवाल हींग उद्यमी
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