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हाथरस : श्री राम की अंगूठी देख सीता को हुआ हनुमान पर विश्वास
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रामलीला महोत्सव में भगवान राम व उनके भाइयों की आरती उतारते भाजपा नेता संजय सिंह।
- फोटो : SADABAD
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
कस्बे के रामलीला मैदान में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में सोमवार की रात को अशोक वाटिका प्रसंग के मंचन का आयोजन किया गया। इस प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। प्रसंग के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि हनुमान जी माता सीता की खोज के लिए निकल जाते हैं। समुद्र पार करके सीता की खोज कर लेते हैं।
जब हनुमान जी लंका में जाते हैं, वहां उनको पता चलता है कि माता सीता अशोक वाटिका में है। शुरुआत में माता सीता को उन पर विश्वास नहीं होता फिर काफी देर संवाद करने के बाद वह माता सीता को अपना विश्वास दिलाते हैं और श्रीराम द्वारा दी गई अंगूठी माता को दिखाते हैं। इस पर सीता माता को विश्वास हो जाता है कि वह वास्तव में श्री राम जी का दूत है।
हनुमान अशोक वाटिका के फल तोड़कर खाते हैं। वहां पर खड़े हुए राक्षसों को मार गिराते हैं। इसके बाद सभी राक्षस रावण के दरबार में पहुंचते हैं और रावण को बताते हैं कि अशोक वाटिका में एक वानर घुस आया है और सारी अशोक वाटिका उजाड़ चुका है। तभी रावण पुत्र अक्षय कुमार को बुलाता है और कहता है कि उस को बंदी बनाकर दरबार में पेश करो।
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अक्षय कुमार हनुमान के साथ युद्ध करता है और युद्ध में मारा जाता है। इसके बाद रावण और क्रोध में आ जाता है और अपने पुत्र मेघनाथ को बुलाता है और कहता है कि उस वानर को अभी बंदी बनाकर दरबार में लेकर आओ। हनुमान और मेघनाथ का भयंकर युद्ध होता है। लीला के मंचन से पूर्व भाजपा नेता चौधरी संजय सिंह ने भगवान श्री राम माता जानकी जी की आरती उतारी। इस मौके पर समिति अध्यक्ष सुनील गौतम व अन्य लोग मौजूद रहे।
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कस्बे के रामलीला मैदान में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में सोमवार की रात को अशोक वाटिका प्रसंग के मंचन का आयोजन किया गया। इस प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। प्रसंग के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि हनुमान जी माता सीता की खोज के लिए निकल जाते हैं। समुद्र पार करके सीता की खोज कर लेते हैं।
जब हनुमान जी लंका में जाते हैं, वहां उनको पता चलता है कि माता सीता अशोक वाटिका में है। शुरुआत में माता सीता को उन पर विश्वास नहीं होता फिर काफी देर संवाद करने के बाद वह माता सीता को अपना विश्वास दिलाते हैं और श्रीराम द्वारा दी गई अंगूठी माता को दिखाते हैं। इस पर सीता माता को विश्वास हो जाता है कि वह वास्तव में श्री राम जी का दूत है।
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हनुमान अशोक वाटिका के फल तोड़कर खाते हैं। वहां पर खड़े हुए राक्षसों को मार गिराते हैं। इसके बाद सभी राक्षस रावण के दरबार में पहुंचते हैं और रावण को बताते हैं कि अशोक वाटिका में एक वानर घुस आया है और सारी अशोक वाटिका उजाड़ चुका है। तभी रावण पुत्र अक्षय कुमार को बुलाता है और कहता है कि उस को बंदी बनाकर दरबार में पेश करो।
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अक्षय कुमार हनुमान के साथ युद्ध करता है और युद्ध में मारा जाता है। इसके बाद रावण और क्रोध में आ जाता है और अपने पुत्र मेघनाथ को बुलाता है और कहता है कि उस वानर को अभी बंदी बनाकर दरबार में लेकर आओ। हनुमान और मेघनाथ का भयंकर युद्ध होता है। लीला के मंचन से पूर्व भाजपा नेता चौधरी संजय सिंह ने भगवान श्री राम माता जानकी जी की आरती उतारी। इस मौके पर समिति अध्यक्ष सुनील गौतम व अन्य लोग मौजूद रहे।