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हाथरस : किसान आंदोलन के जरिये अपना खोया वजूद फिर हासिल करने में जुटा रालोद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
किसान आंदोलन के जरिये राष्ट्रीय लोकदल अपना खोया जनाधार हासिल करने में जुटा है। सादाबाद में 15 फरवरी को किसान महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद जयंत चौधरी का आगमन भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि सादाबाद और हाथरस क्षेत्र पर रालोद की मजबूत पकड़ रही है और यहां के जाट समाज मतदाता रालोद का वोट बैंक रहा है। हाथरस लोकसभा सीट पर वर्ष 2009 का चुनाव भी रालोद ने जीता। इससे पहले सादाबाद और हाथरस विस सीट भी कई बार रालोद ने जीती या फिर प्रत्याशियों ने कड़ी टक्कर दी।
इसकी वजह यह रही कि दोनों सीटों पर जाट मतदाता अच्छी संख्या में थे और यह रालोद का मुख्य आधार थे। तदुपरांत जाट रालोद से भाजपा में चला गया और रालोद इस जिले में हाशिये पर चला गया। अब रालोद किसान आंदोलन में अपनी प्रभावी भूमिका निभा रहा है। इसके चलते रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी लगातार सभाएं कर रहे हैं।
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जयंत की सादाबाद में 15 फरवरी को किसान महापंचायत होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के चलते रालोद फिर अपनी खोई जमीन पाने में लगा है। रालोद के नेता भी इस महापंचायत को सफल बनाने में जुटे हैं।
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किसान आंदोलन के जरिये राष्ट्रीय लोकदल अपना खोया जनाधार हासिल करने में जुटा है। सादाबाद में 15 फरवरी को किसान महापंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद जयंत चौधरी का आगमन भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि सादाबाद और हाथरस क्षेत्र पर रालोद की मजबूत पकड़ रही है और यहां के जाट समाज मतदाता रालोद का वोट बैंक रहा है। हाथरस लोकसभा सीट पर वर्ष 2009 का चुनाव भी रालोद ने जीता। इससे पहले सादाबाद और हाथरस विस सीट भी कई बार रालोद ने जीती या फिर प्रत्याशियों ने कड़ी टक्कर दी।
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इसकी वजह यह रही कि दोनों सीटों पर जाट मतदाता अच्छी संख्या में थे और यह रालोद का मुख्य आधार थे। तदुपरांत जाट रालोद से भाजपा में चला गया और रालोद इस जिले में हाशिये पर चला गया। अब रालोद किसान आंदोलन में अपनी प्रभावी भूमिका निभा रहा है। इसके चलते रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी लगातार सभाएं कर रहे हैं।
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जयंत की सादाबाद में 15 फरवरी को किसान महापंचायत होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के चलते रालोद फिर अपनी खोई जमीन पाने में लगा है। रालोद के नेता भी इस महापंचायत को सफल बनाने में जुटे हैं।