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हाथरस: जान जोखिम में डाल प्रवासियों को पहुंचाया घर पर, अब ड्यूटी का संकट
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन की अवधि में संविदा चालक परिचालकों ने प्रवासी मजदूरों को जान जोखिम में डालकर उनके घरों तक पहुंचाया। अब हाथरस डिपो के संविदा कर्मियों को निगम के अफसरों द्वारा ड्यूटी पर नहीं भेजा जा रहा है। इस कारण इन कर्मियों को जीवन व्यापन करना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को कर्मियों ने वर्कशॉप में हंगामा भी किया।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में संविदा पर कार्य करने वाले कर्मी हर रोज सुबह चार बजे वर्कशॉप पहुंच रहे हैं। इन कर्मियों के स्थान पर नियमित कर्मियों का ड्यूटी पर भेज दिया जाता है। इस कारण संविदा कर्मी निराश होकर घर लौट रहे हैं। शुक्रवार को कर्मियों का सब्र का बांध टूट गया। कर्मियों ने वर्कशॉप परिसर में हंगामा किया। ड्यूटी पर भेजने की मांग की।
कर्मियों का कहना है कि लॉकडाउन में उनसे बसों का संचालन कराया गया। अब ड्यूटी पर नहीं भेजा जा रहा है। उनका वेतन नियत किलोमीटर के हिसाब से बनता है। यदि वह ड्यूटी पर नहीं जाएंगे तो उनके वेतन के लाले पड़ जाएंगे। परिवार का लालन पालन करना मुश्किल होगा। इस मामले में हाथरस डिपो एआरएम से वार्ता की गई तो वह वीडियो कांफ्रेस में थी। इस कारण सहीं जवाब नहीं मिल सका।
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लॉकडाउन की अवधि में संविदा चालक परिचालकों ने प्रवासी मजदूरों को जान जोखिम में डालकर उनके घरों तक पहुंचाया। अब हाथरस डिपो के संविदा कर्मियों को निगम के अफसरों द्वारा ड्यूटी पर नहीं भेजा जा रहा है। इस कारण इन कर्मियों को जीवन व्यापन करना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को कर्मियों ने वर्कशॉप में हंगामा भी किया।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में संविदा पर कार्य करने वाले कर्मी हर रोज सुबह चार बजे वर्कशॉप पहुंच रहे हैं। इन कर्मियों के स्थान पर नियमित कर्मियों का ड्यूटी पर भेज दिया जाता है। इस कारण संविदा कर्मी निराश होकर घर लौट रहे हैं। शुक्रवार को कर्मियों का सब्र का बांध टूट गया। कर्मियों ने वर्कशॉप परिसर में हंगामा किया। ड्यूटी पर भेजने की मांग की।
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कर्मियों का कहना है कि लॉकडाउन में उनसे बसों का संचालन कराया गया। अब ड्यूटी पर नहीं भेजा जा रहा है। उनका वेतन नियत किलोमीटर के हिसाब से बनता है। यदि वह ड्यूटी पर नहीं जाएंगे तो उनके वेतन के लाले पड़ जाएंगे। परिवार का लालन पालन करना मुश्किल होगा। इस मामले में हाथरस डिपो एआरएम से वार्ता की गई तो वह वीडियो कांफ्रेस में थी। इस कारण सहीं जवाब नहीं मिल सका।
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