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हाथरस : लाल श्रेणी के बच्चों को उपलब्ध कराएं समुचित मात्रा में पोषाहार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति और जिला निगरानी समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) साहित्य प्रकाश मिश्र ने गर्भवती महिलाओं व कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने सभी कन्वर्जेंस विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। सीडीओ ने सभी सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि कुपोषित और अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों की नियमित जांच कराएं और उन्हें पुष्टाहार देकर कुपोषण मुक्त बनाएं। गर्भवती महिलाओं के खान-पान पर विशेष ध्यान दें। प्रसव उपरांत नवजात शिशुओं का वजन कराकर देखा जाए कि शिशु स्वस्थ्य है कि नहीं। यदि शिशु स्वस्थ्य नहीं है तो बच्चे की मां को आयरन तथा कैल्शियम की गोली के साथ विटामिन्स भी दिए जाएं।
जो बच्चे लाल श्रेणी में हैं, उनकी नियमित रूप से जांच कराने के साथ ही उन्हें समुचित मात्रा में पोषाहार उपलब्ध कराकर हरी श्रेणी में लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चे, जिनके परिवारों को राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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सीडीपीओ धर्मेंद्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 0-5 वर्ष तक के 1,67,239 बच्चों को चिन्हित किया गया था। 1,61,996 बच्चों का वजन किया गया, जिसमें 1,40,441 हरी श्रेणी के, 16,547 पीली श्रेणी और 5008 बच्चे लाल श्रेणी के हैं। इस प्रकार अति कुपोषित की श्रेणी में 1281, कुपोषित श्रेणी में 4198 बच्चे पाए गए। इन बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर बेहतर इलाज एवं पुष्टाहार के माध्यम से हरी श्रेणी में लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट/जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजलि गंगवार ने सभी सुपरवाइजरों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ-साथ निरीक्षण आख्या फोटो सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संवाद
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति और जिला निगरानी समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) साहित्य प्रकाश मिश्र ने गर्भवती महिलाओं व कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने सभी कन्वर्जेंस विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। सीडीओ ने सभी सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि कुपोषित और अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों की नियमित जांच कराएं और उन्हें पुष्टाहार देकर कुपोषण मुक्त बनाएं। गर्भवती महिलाओं के खान-पान पर विशेष ध्यान दें। प्रसव उपरांत नवजात शिशुओं का वजन कराकर देखा जाए कि शिशु स्वस्थ्य है कि नहीं। यदि शिशु स्वस्थ्य नहीं है तो बच्चे की मां को आयरन तथा कैल्शियम की गोली के साथ विटामिन्स भी दिए जाएं।
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जो बच्चे लाल श्रेणी में हैं, उनकी नियमित रूप से जांच कराने के साथ ही उन्हें समुचित मात्रा में पोषाहार उपलब्ध कराकर हरी श्रेणी में लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चे, जिनके परिवारों को राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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सीडीपीओ धर्मेंद्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 0-5 वर्ष तक के 1,67,239 बच्चों को चिन्हित किया गया था। 1,61,996 बच्चों का वजन किया गया, जिसमें 1,40,441 हरी श्रेणी के, 16,547 पीली श्रेणी और 5008 बच्चे लाल श्रेणी के हैं। इस प्रकार अति कुपोषित की श्रेणी में 1281, कुपोषित श्रेणी में 4198 बच्चे पाए गए। इन बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर बेहतर इलाज एवं पुष्टाहार के माध्यम से हरी श्रेणी में लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट/जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजलि गंगवार ने सभी सुपरवाइजरों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ-साथ निरीक्षण आख्या फोटो सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संवाद