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हाथरस: लगातार विद्यालय बंद हुआ तो प्रधानाध्यापक का होगा निलंबन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्कूल बंद मिलने पर बीेएसए ने प्रधानाध्यापकों के निलंबन की कार्रवाई करने की बात बीएसए ने कही है। कम से कम एक शिक्षक या शिक्षामित्र की उपस्थिति अनिवार्य करते हुए बीएसए ने फिर से पत्र जारी किया है।
बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि शिक्षकों को सहूलियत प्रदान करते हुए निर्देश दिए गए थे कि समस्त शिक्षक विद्यालय में उपस्थित हों, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन किसी विद्यालय में कोई सरकारी, विभागीय योजना शिक्षकों के अभाव में बाधित नहीं होनी चाहिए। लेकिन अधिकांश प्रधानाध्यापकों द्वारा उक्त सहूलियत का दुरुपयोग किया जा रहा है।
निरंतर विद्यालय बंद रहने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जिसके कारण टीसी निर्गत होना, नवीन नामांकन, एमडीएम डीबीटी कार्य, कोविड-19 के कारण अप्रवासी बच्चों का सर्वे, सर्वे अथवा एस्टीमेट के लिए विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग का स्थलीय निरीक्षण, कायाकल्प के तहत कार्यों का भौतिक सत्यापन सहित अन्य विविध कार्य बाधित हो रहे हैं। दूसरा पत्र जारी करते हुए बीएसए ने कहा है कि यदि कोई विभागीय कार्य प्रभावित होगा तो किसी को भी क्षम्य नहीं किया जाएगा। जिसमें सर्वाधिक जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी।
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प्रधानाध्यापक को पूरी छूट दी जाती है कि वह आवश्यकता के अनुसार सहायक अध्यापक, शिक्षामिश्र, अनुदेशक को विद्यालय में उपस्थित रहने के लिए बुलाएं। यदि इनमें से किसी के द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है तो उक्त की सूचना प्रधनाध्यापक एबीएसए को दें। परंतु किसी भी स्थिति में विद्यालय बंद पाया जाता है तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। एबीएसए प्रतिदिन दो स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।
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स्कूल बंद मिलने पर बीेएसए ने प्रधानाध्यापकों के निलंबन की कार्रवाई करने की बात बीएसए ने कही है। कम से कम एक शिक्षक या शिक्षामित्र की उपस्थिति अनिवार्य करते हुए बीएसए ने फिर से पत्र जारी किया है।
बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि शिक्षकों को सहूलियत प्रदान करते हुए निर्देश दिए गए थे कि समस्त शिक्षक विद्यालय में उपस्थित हों, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं हैं, लेकिन किसी विद्यालय में कोई सरकारी, विभागीय योजना शिक्षकों के अभाव में बाधित नहीं होनी चाहिए। लेकिन अधिकांश प्रधानाध्यापकों द्वारा उक्त सहूलियत का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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निरंतर विद्यालय बंद रहने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जिसके कारण टीसी निर्गत होना, नवीन नामांकन, एमडीएम डीबीटी कार्य, कोविड-19 के कारण अप्रवासी बच्चों का सर्वे, सर्वे अथवा एस्टीमेट के लिए विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग का स्थलीय निरीक्षण, कायाकल्प के तहत कार्यों का भौतिक सत्यापन सहित अन्य विविध कार्य बाधित हो रहे हैं। दूसरा पत्र जारी करते हुए बीएसए ने कहा है कि यदि कोई विभागीय कार्य प्रभावित होगा तो किसी को भी क्षम्य नहीं किया जाएगा। जिसमें सर्वाधिक जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी।
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प्रधानाध्यापक को पूरी छूट दी जाती है कि वह आवश्यकता के अनुसार सहायक अध्यापक, शिक्षामिश्र, अनुदेशक को विद्यालय में उपस्थित रहने के लिए बुलाएं। यदि इनमें से किसी के द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है तो उक्त की सूचना प्रधनाध्यापक एबीएसए को दें। परंतु किसी भी स्थिति में विद्यालय बंद पाया जाता है तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। एबीएसए प्रतिदिन दो स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।