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हाथरस : कोरोना से सासनी व्यापार मंडल के अध्यक्ष की मौत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
कस्बा के मोहल्ला बारहसैनी निवासी एक व्यवसायी की रविवार को देर शाम मौत हो गई। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसका इलाज अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। व्यवसायी के निधन से कस्बे में कोहराम मच गया।
दिनेश चंद्र वार्ष्णेय उर्फ दिन्नू लाला (60) पुत्र ओमप्रकाश की अचानक तबियत बिगड़ गई। परिजन उपचार के लिए अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले गए। जांच में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। जिसका उपचार परिजनों ने चलाया था। उपचार के दौरान रविवार की देर शाम दिनेश की मौत हो गई। दिनेश एक दशक से कस्बा के व्यापार मंडल के अध्यक्ष रहे थे। इस कारण व्यापारी वर्ग में एक अलग पहचान थी। उनकी मौत से व्यापारियों में शोक का माहौल है।
कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र में न ऑक्सीजन, न वेंटिलेटर
कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र में कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण मरीज हाथरस अलीगढ़ आगरा अपना इलाज कराने के लिए जाते है। यहां तक कि दिल्ली के अस्पतालों में भी मरीजों को भागना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग आंकड़े कुछ भी दे लेकिन सत्य यह है कि कोरोना महामारी के दौर में भी कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र में ना तो ऑक्सीजन उपलब्ध है और ना ही वेंटिलेटर। यहां इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को शहर या दूसरे जिलों में भागना पड़ता है।
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कस्बा के मोहल्ला बारहसैनी निवासी एक व्यवसायी की रविवार को देर शाम मौत हो गई। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसका इलाज अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। व्यवसायी के निधन से कस्बे में कोहराम मच गया।
दिनेश चंद्र वार्ष्णेय उर्फ दिन्नू लाला (60) पुत्र ओमप्रकाश की अचानक तबियत बिगड़ गई। परिजन उपचार के लिए अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले गए। जांच में रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। जिसका उपचार परिजनों ने चलाया था। उपचार के दौरान रविवार की देर शाम दिनेश की मौत हो गई। दिनेश एक दशक से कस्बा के व्यापार मंडल के अध्यक्ष रहे थे। इस कारण व्यापारी वर्ग में एक अलग पहचान थी। उनकी मौत से व्यापारियों में शोक का माहौल है।
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कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र में न ऑक्सीजन, न वेंटिलेटर
कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र में कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण मरीज हाथरस अलीगढ़ आगरा अपना इलाज कराने के लिए जाते है। यहां तक कि दिल्ली के अस्पतालों में भी मरीजों को भागना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग आंकड़े कुछ भी दे लेकिन सत्य यह है कि कोरोना महामारी के दौर में भी कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र में ना तो ऑक्सीजन उपलब्ध है और ना ही वेंटिलेटर। यहां इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को शहर या दूसरे जिलों में भागना पड़ता है।
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