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हाथरस : कोयले की कमी से जिले में गहराया बिजली संकट
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी का असर जिले की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ने लग है। शहर से देहात तक तीन से चार घंटे की बिजली कटौती हो रही है। इस कारण लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बिना बिजली के लोगों का जरूरी कामकाज प्रभावित होता है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। मीतई के 220 केवीए सबस्टेशन के जरिये 33/11 केवीए के सबस्टेशनों को आपूर्ति की जाती है। अब थर्मल प्लांटों पर कोयल बारिश में भीग गया है। इस कारण बिजली का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस कारण अचानक कभी दिन में तो कभी रात में कई-कई घंटे बिजली की कटौती हो रही है। इस कारण आम लोग से लेकर अन्नदाता तक काम नहीं कर पा रहे हैं। नवरात्र के साथ त्योहारी सीजन भी शुरू हो गया है।
इस कारण बिजली गुल होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि कोयले की किल्लत दूर न हुई तो नवरात्र के बाद विजयदशमी, धनतेरस आदि त्योहारों पर जिले के लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ता सकता है। बिजली कटौती के कारण कल-कारखानों की मशीनें थमी रहीं। उद्योग-धंधों पर भी खासा असर पड़ रहा है।
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शहर के लिए 24 घंटे और देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निगम स्तर से जारी है। अब कोयल की किल्लत से आपूर्ति का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति की निगम स्तर से निगरानी की जा रही है।
बृहस्पतिवार को भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष भीकम सिंह चौहान ने अधीक्षण अभियंता से बिजली समस्या को लेकर भी मुलाकात की। अधीक्षण अभियंता जगतराम का कहना है कि थर्मल पावर प्लांटों पर कोयले की कमी हो गई है। इस कारण आपातकालीन कटौती की जा रही है। जल्द स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
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थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी का असर जिले की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ने लग है। शहर से देहात तक तीन से चार घंटे की बिजली कटौती हो रही है। इस कारण लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बिना बिजली के लोगों का जरूरी कामकाज प्रभावित होता है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। मीतई के 220 केवीए सबस्टेशन के जरिये 33/11 केवीए के सबस्टेशनों को आपूर्ति की जाती है। अब थर्मल प्लांटों पर कोयल बारिश में भीग गया है। इस कारण बिजली का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस कारण अचानक कभी दिन में तो कभी रात में कई-कई घंटे बिजली की कटौती हो रही है। इस कारण आम लोग से लेकर अन्नदाता तक काम नहीं कर पा रहे हैं। नवरात्र के साथ त्योहारी सीजन भी शुरू हो गया है।
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इस कारण बिजली गुल होने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि कोयले की किल्लत दूर न हुई तो नवरात्र के बाद विजयदशमी, धनतेरस आदि त्योहारों पर जिले के लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ता सकता है। बिजली कटौती के कारण कल-कारखानों की मशीनें थमी रहीं। उद्योग-धंधों पर भी खासा असर पड़ रहा है।
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शहर के लिए 24 घंटे और देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निगम स्तर से जारी है। अब कोयल की किल्लत से आपूर्ति का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति की निगम स्तर से निगरानी की जा रही है।
बृहस्पतिवार को भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष भीकम सिंह चौहान ने अधीक्षण अभियंता से बिजली समस्या को लेकर भी मुलाकात की। अधीक्षण अभियंता जगतराम का कहना है कि थर्मल पावर प्लांटों पर कोयले की कमी हो गई है। इस कारण आपातकालीन कटौती की जा रही है। जल्द स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।