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हाथरस: पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर मुख्य सचिव से लगाई गुहार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर क्षेत्र के गांव नगला ब्राह्मण (मढ़ापिथू) निवासी मीरा देवी पत्नी श्री निवास ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को एक शिकायती प्रार्थना देकर गुहार लगाई है। पीड़िता ने पत्र मुख्य सचिव के साथ-साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली, राष्ट्रीय महिला आयोग एवं पुलिस अधीक्षक हाथरस को भी प्रेषित किया है।
पीड़िता ने पत्र में उल्लेख किया है कि चार जुलाई की शाम को उसके पुत्र (12) करन एवं गांव के ही प्रिंस पुत्र जितेंद्र उर्फ जीतू में खेल-खेल में झगड़ा हो गया था। उसके बाद प्रिंस की मां जय कुमारी देवी ने अपने दोनों पुत्र के साथ मिलकर उसके पुत्र को घर में खींचकर बुरी तरह से मारापीटा। जब वह अपने बेटे को बचाने गई तो उसे भी बुरी तरह से मारापीटा।
मां बेटे की चीख सुनकर सुनकर ग्रामीणों ने उनको बचाया। वह घायल पुत्र को हाथरस ले गई जहां से उसे आगरा रेफर कर दिया। इलाज के दौरान वह समय निकाल कर जब कोतवाली में शिकायत करने पहुंची तो उसकी किसी कोई सुनवाई नहीं की। उसने जिक्र किया है कि आरोपी उसे धमकी दे रहे हैं। विरोधी दबंग लोग हैं जिसके कारण वह गांव छोड़ने को मजबूर है। उसने पत्र के माध्यम से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर क्षेत्र के गांव नगला ब्राह्मण (मढ़ापिथू) निवासी मीरा देवी पत्नी श्री निवास ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को एक शिकायती प्रार्थना देकर गुहार लगाई है। पीड़िता ने पत्र मुख्य सचिव के साथ-साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली, राष्ट्रीय महिला आयोग एवं पुलिस अधीक्षक हाथरस को भी प्रेषित किया है।
पीड़िता ने पत्र में उल्लेख किया है कि चार जुलाई की शाम को उसके पुत्र (12) करन एवं गांव के ही प्रिंस पुत्र जितेंद्र उर्फ जीतू में खेल-खेल में झगड़ा हो गया था। उसके बाद प्रिंस की मां जय कुमारी देवी ने अपने दोनों पुत्र के साथ मिलकर उसके पुत्र को घर में खींचकर बुरी तरह से मारापीटा। जब वह अपने बेटे को बचाने गई तो उसे भी बुरी तरह से मारापीटा।
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मां बेटे की चीख सुनकर सुनकर ग्रामीणों ने उनको बचाया। वह घायल पुत्र को हाथरस ले गई जहां से उसे आगरा रेफर कर दिया। इलाज के दौरान वह समय निकाल कर जब कोतवाली में शिकायत करने पहुंची तो उसकी किसी कोई सुनवाई नहीं की। उसने जिक्र किया है कि आरोपी उसे धमकी दे रहे हैं। विरोधी दबंग लोग हैं जिसके कारण वह गांव छोड़ने को मजबूर है। उसने पत्र के माध्यम से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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