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हाथरस : पराग डेयरी से उठ रही दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल
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पराग डेयरी में बनी अस्थाई गोशाला में गोवंश। संवाद
- फोटो : SASNI
संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
पराग डेयरी में बनी गोशाला में मृत पशुओं के दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बदबू की वजह से लोग काफी परेशान है। लोगों का कहना है कि चारा व देखभाल के अभाव में गोशाला में पशुओं की मौत हो रही है। उन पशुओं को गोशाला में ही जेसीबी की मदद से दफना दिया जा रहा है। जिससे बदबू आ रही है।
पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला में लगभग 1500 गोवंश हैं। गांव अजरोई निवासी चौधरी राजकुमार सिंह कहते हैं कि पराग डेयरी की दुर्गंध के कारण निकलना भी दूभर हो गया है। कोई सुनने वाला अधिकारी ही नहीं है।
गांव सठिया निवासी चौधरी पिंटू सिंह का कहना है कि गोशाला से दुर्गंध आने के कारण लोगों का जाना आना भी दूभर हो जाता है। इस संबंध में गोशाला का प्रभार देख रहे खंड विकास अधिकारी विकल कुमार से जब बात की गई तो उन्होंने पशु चिकित्सक सौरभ गुप्ता से बात करने को कहा।
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लेकिन जब सौरभ गुप्ता को फोन किया गया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया। एसडीएम नीतू रानी का कहना है कि पिछली बार जब मैं गई थी तो ऐसी कोई बात नहीं थी। अभी मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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पराग डेयरी में बनी गोशाला में मृत पशुओं के दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बदबू की वजह से लोग काफी परेशान है। लोगों का कहना है कि चारा व देखभाल के अभाव में गोशाला में पशुओं की मौत हो रही है। उन पशुओं को गोशाला में ही जेसीबी की मदद से दफना दिया जा रहा है। जिससे बदबू आ रही है।
पराग डेयरी में बनी अस्थायी गोशाला में लगभग 1500 गोवंश हैं। गांव अजरोई निवासी चौधरी राजकुमार सिंह कहते हैं कि पराग डेयरी की दुर्गंध के कारण निकलना भी दूभर हो गया है। कोई सुनने वाला अधिकारी ही नहीं है।
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गांव सठिया निवासी चौधरी पिंटू सिंह का कहना है कि गोशाला से दुर्गंध आने के कारण लोगों का जाना आना भी दूभर हो जाता है। इस संबंध में गोशाला का प्रभार देख रहे खंड विकास अधिकारी विकल कुमार से जब बात की गई तो उन्होंने पशु चिकित्सक सौरभ गुप्ता से बात करने को कहा।
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लेकिन जब सौरभ गुप्ता को फोन किया गया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया। एसडीएम नीतू रानी का कहना है कि पिछली बार जब मैं गई थी तो ऐसी कोई बात नहीं थी। अभी मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। संवाद