{"_id":"6274294ce82ad27742454180","slug":"hathras-passengers-facing-difficulties-on-the-route-from-ratibhanpur-to-kachora-sikandhra-rahu-news-ali2908625117","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : रतिभानपुर से कचौरा जाने वाले मार्ग पर मुश्किलें झेल रहे मुसाफिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : रतिभानपुर से कचौरा जाने वाले मार्ग पर मुश्किलें झेल रहे मुसाफिर
विज्ञापन
हाथरस : बदहाल पड़ा रतिभानुपर्र-कचौरा मार्ग। संवाद
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
एटा राजमार्ग पर गांव रतिभानपुर से कचौरा जाने वाला पांच किमी लंबा मार्ग जर्जर होकर टूट चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि 10 मिनट का रास्ता तय करने में लोगों को पौन घंटा लग जाता है। पांच वर्ष में इस मार्ग के पुननिर्माण की बात तो दूर, मरम्मत तक का काम नहीं हो पाया है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इस मार्ग की वजह से आसपास केे करीब 50 गांव के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।
बता दें कि पांच किमी लंबा यह मार्ग कचौरा के बाद एटा-कासगंज की तरफ निकल जाता है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में वाहन प्रतिदिन निकलते हैं। इसके अलावा गांव नगला सरदार में आयुर्वेद दवा बनाने वाली कई कंपनियां हैं। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे हैं। इस मार्ग से स्कूटी पर सवार होकर निकल रहे विपिन यादव का कहना था कि जनप्रतिनिधियों की लापरवाही और उदासीनता से यह मार्ग आज तक बदहाल पड़ा है।
अगर इसका नया निर्माण नहीं हो सकता तो कम से कम मरम्मत करा दी जाए, जिससे आवागमन में राहगीरों को दिक्कत न हो। बाइक सवार भूरे और उमेश ने कहा कि यह मार्ग भगवान भरोसे है। मुख्यमंत्री का गड्ढामुक्त सड़कों का दावा खोखला साबित हो रहा है। यहां से बाइक ले जाने के बाद उसका पुर्जा-पुर्जा बजने लगता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा राजमार्ग पर गांव रतिभानपुर से कचौरा जाने वाला पांच किमी लंबा मार्ग जर्जर होकर टूट चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि 10 मिनट का रास्ता तय करने में लोगों को पौन घंटा लग जाता है। पांच वर्ष में इस मार्ग के पुननिर्माण की बात तो दूर, मरम्मत तक का काम नहीं हो पाया है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इस मार्ग की वजह से आसपास केे करीब 50 गांव के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।
बता दें कि पांच किमी लंबा यह मार्ग कचौरा के बाद एटा-कासगंज की तरफ निकल जाता है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में वाहन प्रतिदिन निकलते हैं। इसके अलावा गांव नगला सरदार में आयुर्वेद दवा बनाने वाली कई कंपनियां हैं। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे हैं। इस मार्ग से स्कूटी पर सवार होकर निकल रहे विपिन यादव का कहना था कि जनप्रतिनिधियों की लापरवाही और उदासीनता से यह मार्ग आज तक बदहाल पड़ा है।
विज्ञापन
अगर इसका नया निर्माण नहीं हो सकता तो कम से कम मरम्मत करा दी जाए, जिससे आवागमन में राहगीरों को दिक्कत न हो। बाइक सवार भूरे और उमेश ने कहा कि यह मार्ग भगवान भरोसे है। मुख्यमंत्री का गड्ढामुक्त सड़कों का दावा खोखला साबित हो रहा है। यहां से बाइक ले जाने के बाद उसका पुर्जा-पुर्जा बजने लगता है। संवाद
विज्ञापन