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हाथरस : स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदर्शन सुधारने में जुटा पंचायतराज विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 के नागरिक फीडबैक में पंचायतराज विभाग की ओर से सफाईकर्मियों की मदद से रैंकिंग सुधारने की कोशिश की जा रही है। नागरिक फीडबैक में वर्तमान में यह जिला प्रदेश में आठवें स्थान पर है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 का आयोजन देश के 35 राज्यों के 698 जिलों में किया जा रहा है।
भारत सरकार द्वारा नामित संस्था इपसोस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदेश के 2025 गांवों एवं 20250 परिवार एवं 10125 सावर्जनिक स्थलों का स्थलीय मूल्यांकन कर जनपद एवं गांव की रैंकिंग तय की जाएगी। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 में जिले के सात विकास खंडों के 20 गांव एवं 200 परिवार और 100 सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय सत्यापन भारत सरकार द्वारा नामित संस्था द्वारा किया जाएगा।
सर्वेक्षण के लिए 1000 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 350 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस (150 अंक जनपद द्वारा की गई सेल्फ रिपोर्टिंग एवं 200 अंक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की वेबसाइट से जनपद की प्रगति के आधार पर), प्रत्यक्ष अवलोकन 300 अंक (भारत सरकार द्वारा नामित संस्था द्वारा 150 अंक परिवारों के सर्वे के आधार पर, 90 अंक ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्था।
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60 अंक सावर्जनिक स्थानों पर स्वच्छता के आधार पर) नागरिक फीड बैक 350 अंक (150 अंक एप एव वेब के माध्यम से, 150 अंक गांव के पांच प्रमुख व्यक्तियों से वार्ता एवं 50 अंक ऑनलाइन फीडबैक के माध्यम से व्यस्क आबादी की भागीदारी के आधार पर) दिए जाएंगे।
हैरानी की बात यह है कि विभाग की ओर से सर्वेक्षण को लेकर किसी भी प्रकार का कोई जागरूकता कार्यक्रम नहीं किया गया है। अब विभाग की ओर से सफाई कर्मियों की मदद से नागरिक फीड बैक दिलाया जा रहा है, जिससे उसकी रैंकिंग सुधर सके।
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स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 के नागरिक फीडबैक में पंचायतराज विभाग की ओर से सफाईकर्मियों की मदद से रैंकिंग सुधारने की कोशिश की जा रही है। नागरिक फीडबैक में वर्तमान में यह जिला प्रदेश में आठवें स्थान पर है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 का आयोजन देश के 35 राज्यों के 698 जिलों में किया जा रहा है।
भारत सरकार द्वारा नामित संस्था इपसोस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदेश के 2025 गांवों एवं 20250 परिवार एवं 10125 सावर्जनिक स्थलों का स्थलीय मूल्यांकन कर जनपद एवं गांव की रैंकिंग तय की जाएगी। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 में जिले के सात विकास खंडों के 20 गांव एवं 200 परिवार और 100 सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय सत्यापन भारत सरकार द्वारा नामित संस्था द्वारा किया जाएगा।
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सर्वेक्षण के लिए 1000 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 350 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस (150 अंक जनपद द्वारा की गई सेल्फ रिपोर्टिंग एवं 200 अंक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की वेबसाइट से जनपद की प्रगति के आधार पर), प्रत्यक्ष अवलोकन 300 अंक (भारत सरकार द्वारा नामित संस्था द्वारा 150 अंक परिवारों के सर्वे के आधार पर, 90 अंक ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्था।
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60 अंक सावर्जनिक स्थानों पर स्वच्छता के आधार पर) नागरिक फीड बैक 350 अंक (150 अंक एप एव वेब के माध्यम से, 150 अंक गांव के पांच प्रमुख व्यक्तियों से वार्ता एवं 50 अंक ऑनलाइन फीडबैक के माध्यम से व्यस्क आबादी की भागीदारी के आधार पर) दिए जाएंगे।
हैरानी की बात यह है कि विभाग की ओर से सर्वेक्षण को लेकर किसी भी प्रकार का कोई जागरूकता कार्यक्रम नहीं किया गया है। अब विभाग की ओर से सफाई कर्मियों की मदद से नागरिक फीड बैक दिलाया जा रहा है, जिससे उसकी रैंकिंग सुधर सके।