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हाथरस : प्रशासन की लापरवाही से 31 घंटे तक चली पंचायत चुनाव की मतगणना
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
पंचायत चुनावों के लिए रविवार की सुबह चली मतगणना सोमवार की शाम को जाकर समाप्त हुई। 31 घंटे से अधिक समय तक हुई मतगणना में पूरी तरह से प्रशासन की लापरवाही नजर आई। जिला पंचायत के सदस्यों को सोमवार को दोपहर बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिल सका। जब उनका धैर्य जवाब दे गया तो वह हंगामा करने लगे। इसके बाद वार्ड संख्या 21 के विजयी प्रत्याशी को हाथरस से प्रमाण पत्र लेने के लिए भेज दिया। इसके बाद वार्ड 19 के प्रत्याशी ने भी हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा करने के बाद उसे भी हाथरस प्रमाण पत्र लेने के लिए भेज दिया गया।
आरओ एवं एआरओ की निष्क्रियता के जिला पंचायत के वार्ड -20 की मतगणना नहीं हुई एवं बीडीसी के वार्ड संख्या 15-16 -22-21 एवं 24 के सदस्यों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पाने के कारण वहां मौजूद प्रत्याशियों एवं उनके अभिकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते देख एआरओ की खोजबीन की गई। जब एआरओ मिले तब उपरोक्त बीडीसी के विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र मिले। अब जिला पंचायत के वार्ड 20 में उलट फेर शुरू हो गया है। रात को बसपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए था।
जब उपरोक्त वार्ड के बूथों से जिला पंचायत के मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी जीत की आरे बढ़ रही थी इसी समय किसी ने सोशल मीडिया पर सपा प्रत्याशी के जीत की न्यूज भेज दी। इस न्यूज के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मतगणना केंद्र में मौजूद अधिकारियों से डीएम ने बात की। दोनों प्रत्याशी मतगणना केंद्र में मौजूद अधिकारियों पर एक दूसरे को धोखाधड़ी से जिताने का आरोप लगाते रहे। अभिकर्ताओं एवं प्रत्याशियों ने अधिकारियों को वहां से जाते देख उनसे वार्ड 20 के विजयी प्रत्याशी का नाम बताने के लिए कहा। इस बात को लेकर अभिकर्ताओं एवं एसडीएम सादाबाद राजेश कुमार के मध्य काफी नोकझोंक हुई।
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पंचायत चुनावों के लिए रविवार की सुबह चली मतगणना सोमवार की शाम को जाकर समाप्त हुई। 31 घंटे से अधिक समय तक हुई मतगणना में पूरी तरह से प्रशासन की लापरवाही नजर आई। जिला पंचायत के सदस्यों को सोमवार को दोपहर बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिल सका। जब उनका धैर्य जवाब दे गया तो वह हंगामा करने लगे। इसके बाद वार्ड संख्या 21 के विजयी प्रत्याशी को हाथरस से प्रमाण पत्र लेने के लिए भेज दिया। इसके बाद वार्ड 19 के प्रत्याशी ने भी हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा करने के बाद उसे भी हाथरस प्रमाण पत्र लेने के लिए भेज दिया गया।
आरओ एवं एआरओ की निष्क्रियता के जिला पंचायत के वार्ड -20 की मतगणना नहीं हुई एवं बीडीसी के वार्ड संख्या 15-16 -22-21 एवं 24 के सदस्यों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पाने के कारण वहां मौजूद प्रत्याशियों एवं उनके अभिकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते देख एआरओ की खोजबीन की गई। जब एआरओ मिले तब उपरोक्त बीडीसी के विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र मिले। अब जिला पंचायत के वार्ड 20 में उलट फेर शुरू हो गया है। रात को बसपा प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए था।
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जब उपरोक्त वार्ड के बूथों से जिला पंचायत के मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी जीत की आरे बढ़ रही थी इसी समय किसी ने सोशल मीडिया पर सपा प्रत्याशी के जीत की न्यूज भेज दी। इस न्यूज के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मतगणना केंद्र में मौजूद अधिकारियों से डीएम ने बात की। दोनों प्रत्याशी मतगणना केंद्र में मौजूद अधिकारियों पर एक दूसरे को धोखाधड़ी से जिताने का आरोप लगाते रहे। अभिकर्ताओं एवं प्रत्याशियों ने अधिकारियों को वहां से जाते देख उनसे वार्ड 20 के विजयी प्रत्याशी का नाम बताने के लिए कहा। इस बात को लेकर अभिकर्ताओं एवं एसडीएम सादाबाद राजेश कुमार के मध्य काफी नोकझोंक हुई।
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