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हाथरस : कागजों में ओवरब्रिज चालू नहीं, सुविधाएं भी नदारद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज भले ही बनकर तैयार हो गया है और वाहन भी फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन कागजों में अभी तक ओवरब्रिज चालू नहीं हुआ है और न हीं लोकार्पण हुआ है। ओवरब्रिज के शुरू न होने के कारण रोडवेज की अन्य डिपो की बसों के संचालन की अभी तक हाथरस डिपो को हरी झंडी नहीं मिली है। इसके अलावा ओवरब्रिज पर प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है।
उल्लेखनीय कि शहर के तालाब चौराहे पर लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनाया गया है। किसी नेता के न आने से ओवरब्रिज का अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है। इस कारण यह पुल आज भी कागजों में शुरू नहीं हुआ है। इस कारण हाथरस को छोड़कर अन्य किसी डिपो की बस इसके ऊपर से नहीं गुजर रही है। रोडवेज अधिकारी कह रहे हैं कि पुल निर्माण के दौरान बसों को बाईपास से निकलवाने का पत्र आया था, लेकिन उसके बाद अभी तक डिपो के अधिकारियों पास बसों को शहर के अंदर से निकलवाने का पत्र नहीं आया है।
इस कारण अन्य डिपो की बसें अंदर नहीं आ पा रही है। जैसे ही प्रशासन की ओर से पत्र आ जाएगा, उसके आधार पर सभी डिपो को शहर के अंदर से बसें गुजारने के लिए पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा ओवरब्रिज पर नगर पालिका प्रशासन ने लाइटें लगा दी हैं। वह भी अभी चालू नहीं हुई हैं। लोकार्पण का इंतजार किया जा रहा है।
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हाथरस जंक्शन का पुल कई माह रहा था बंद
हाथरस। शहर के हाथरस जंक्शन स्टेशन पर कुछ साल पहले ओवरब्रिज का निर्माण किया गया था। पुल बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इस पुल को भी करीब दो महीने से उद्घाटन के लिए बंद रखा था। बाद में हालांकि चालू हो गया। इस पुल से अब डामर की लेयर भी जगह-जगह उखड़ने लग गई है। संवाद
पूर्व सांसद बोले, जनता का ओवरब्रिज
हाथरस। पूर्व सांसद राजेश दिवाकर का कहना है कि शहर के तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज बनवाने के लिए उन्होंने पहल की थी। उनके पास काफी साक्ष्य हैं। उनका कहना है कि ओवरब्रिज जनता का है। इसको कागजों में जल्द से जल्द शुरू किया जाए। ओवरब्रिज पर जनता को पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं, ताकि लोगों को गंतव्य तक की दूरी तय करने में आसानी हो। संवाद
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शहर के तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज भले ही बनकर तैयार हो गया है और वाहन भी फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन कागजों में अभी तक ओवरब्रिज चालू नहीं हुआ है और न हीं लोकार्पण हुआ है। ओवरब्रिज के शुरू न होने के कारण रोडवेज की अन्य डिपो की बसों के संचालन की अभी तक हाथरस डिपो को हरी झंडी नहीं मिली है। इसके अलावा ओवरब्रिज पर प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं है।
उल्लेखनीय कि शहर के तालाब चौराहे पर लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनाया गया है। किसी नेता के न आने से ओवरब्रिज का अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है। इस कारण यह पुल आज भी कागजों में शुरू नहीं हुआ है। इस कारण हाथरस को छोड़कर अन्य किसी डिपो की बस इसके ऊपर से नहीं गुजर रही है। रोडवेज अधिकारी कह रहे हैं कि पुल निर्माण के दौरान बसों को बाईपास से निकलवाने का पत्र आया था, लेकिन उसके बाद अभी तक डिपो के अधिकारियों पास बसों को शहर के अंदर से निकलवाने का पत्र नहीं आया है।
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इस कारण अन्य डिपो की बसें अंदर नहीं आ पा रही है। जैसे ही प्रशासन की ओर से पत्र आ जाएगा, उसके आधार पर सभी डिपो को शहर के अंदर से बसें गुजारने के लिए पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा ओवरब्रिज पर नगर पालिका प्रशासन ने लाइटें लगा दी हैं। वह भी अभी चालू नहीं हुई हैं। लोकार्पण का इंतजार किया जा रहा है।
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हाथरस जंक्शन का पुल कई माह रहा था बंद
हाथरस। शहर के हाथरस जंक्शन स्टेशन पर कुछ साल पहले ओवरब्रिज का निर्माण किया गया था। पुल बनकर तैयार हो गया है, लेकिन इस पुल को भी करीब दो महीने से उद्घाटन के लिए बंद रखा था। बाद में हालांकि चालू हो गया। इस पुल से अब डामर की लेयर भी जगह-जगह उखड़ने लग गई है। संवाद
पूर्व सांसद बोले, जनता का ओवरब्रिज
हाथरस। पूर्व सांसद राजेश दिवाकर का कहना है कि शहर के तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज बनवाने के लिए उन्होंने पहल की थी। उनके पास काफी साक्ष्य हैं। उनका कहना है कि ओवरब्रिज जनता का है। इसको कागजों में जल्द से जल्द शुरू किया जाए। ओवरब्रिज पर जनता को पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं, ताकि लोगों को गंतव्य तक की दूरी तय करने में आसानी हो। संवाद