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Hathras News: वैराग्य की राह पर निकला बेटा, समझाने में जुटे माता-पिता
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संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद तीन महीने से लापता 17 वर्षीय अनुज चौधरी को पुलिस ने बरसाना के लाड़ली कुंज आश्रम से खोज लिया। संत वेश में मिले अनुज से जैत थाने में माता-पिता और दादी की मुलाकात हुई। अपनों को देखकर मां और दादी की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने उसे समझाया। मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान होने के बाद पुलिस किशोर को परिजनों के सुपुर्द करेगी।
सादाबाद के गांव खेड़ा बरामई निवासी अनुज चौधरी तीन जुलाई को वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला था। इससे पहले 26 जून को ही उसने आश्रम से दीक्षा ले ली थी। सोशल मीडिया पर संन्यास धारण करने की जानकारी भी दी थी। तीन महीने तक पता नहीं चलने पर दो अक्तूबर को परिजनों ने वृंदावन में धरना दिया था। सीओ वृंदावन के आश्वासन पर धरना समाप्त किया था।
शनिवार को पुलिस ने बरसाना के लाड़ली कुंज आश्रम से अनुज को खोज किया। वह संत वेश में था। माथे पर रज और तिलक लगा था। सफेद अचना पहन रखी थी। गले में तुलसी माला और हाथ में जाप माला थी। चाचा जितेंद्र ने बताया कि जैत थाने में परिजनों ने अनुज से काफी देर तक बातचीत की। अपनों को देखकर वह भी भावुक नजर आया। मां और दादी मुन्नी देवी ने उसे वैराग्य की राह छोड़कर घर लौटने के लिए समझाया।
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मजिस्ट्रेट के समक्ष होंगे बयान
अनुज के मिलने की जानकारी पर सादाबाद पुलिस रात में ही बरसाना रवाना हो गई थी। किशोर को थाने से मथुरा के बाल गृह भेजा गया है। सोमवार को उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। सीओ सादाबाद योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि प्रकरण में विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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सादाबाद के गांव खेड़ा बरामई निवासी अनुज चौधरी तीन जुलाई को वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला था। इससे पहले 26 जून को ही उसने आश्रम से दीक्षा ले ली थी। सोशल मीडिया पर संन्यास धारण करने की जानकारी भी दी थी। तीन महीने तक पता नहीं चलने पर दो अक्तूबर को परिजनों ने वृंदावन में धरना दिया था। सीओ वृंदावन के आश्वासन पर धरना समाप्त किया था।
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शनिवार को पुलिस ने बरसाना के लाड़ली कुंज आश्रम से अनुज को खोज किया। वह संत वेश में था। माथे पर रज और तिलक लगा था। सफेद अचना पहन रखी थी। गले में तुलसी माला और हाथ में जाप माला थी। चाचा जितेंद्र ने बताया कि जैत थाने में परिजनों ने अनुज से काफी देर तक बातचीत की। अपनों को देखकर वह भी भावुक नजर आया। मां और दादी मुन्नी देवी ने उसे वैराग्य की राह छोड़कर घर लौटने के लिए समझाया।
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मजिस्ट्रेट के समक्ष होंगे बयान
अनुज के मिलने की जानकारी पर सादाबाद पुलिस रात में ही बरसाना रवाना हो गई थी। किशोर को थाने से मथुरा के बाल गृह भेजा गया है। सोमवार को उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। सीओ सादाबाद योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि प्रकरण में विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।