{"_id":"6237741970911d5e8f0af8c5","slug":"hathras-orders-to-stop-salaries-of-secretaries-of-38-gram-panchayats-hathras-news-ali2874564116","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : 38 ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : 38 ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने के आदेश
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
वित्तीय वर्ष 2019-20 के तहत ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का ब्योरा लेखा परीक्षा विभाग को उपलब्ध न कराने पर सख्त रुख अपनाते हुए परियोजना निदेशक (पीडी) ने 38 ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। इनसे तत्काल यह ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। न देने की स्थिति में इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2021-22 के तहत विकास कार्यों के ऑडिट के लिए भी लेखा परीक्षा विभाग की ओर से कार्यवाही शुरू हो गई है।
शासन स्तर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विभिन्न मदों के सापेक्ष बजट का आवंटन किया जाता है। इस बजट के साथ निर्धारित मानक के अनुरूप विकास कार्यों पर धनराशि खर्च किए जाने के निर्देश दिए जाते हैं। इस क्रम में लेखा परीक्षा विभाग की ओर से खर्च धनराशि का ऑडिट किया जाता है। इसमें सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर अनियमितताओं को परखा जाता है।
हैरानी की बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के ऑनलाइन ऑडिट के लिए ब्लॉक मुरसान में 11, हाथरस ब्लॉक में पांच, हसायन में 16, सहपऊ में छह ग्राम पंचायतों के अभिलेख अभी तक ऑडिट टीम को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जबकि कई बार विभाग की ओर से इस संबंध ग्राम पंचायत सचिवों को पत्र भी जारी हो चुके हैं। अब इस मामले में पीडी ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2019-20 के तहत ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का ब्योरा लेखा परीक्षा विभाग को उपलब्ध न कराने पर सख्त रुख अपनाते हुए परियोजना निदेशक (पीडी) ने 38 ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। इनसे तत्काल यह ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है। न देने की स्थिति में इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2021-22 के तहत विकास कार्यों के ऑडिट के लिए भी लेखा परीक्षा विभाग की ओर से कार्यवाही शुरू हो गई है।
शासन स्तर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विभिन्न मदों के सापेक्ष बजट का आवंटन किया जाता है। इस बजट के साथ निर्धारित मानक के अनुरूप विकास कार्यों पर धनराशि खर्च किए जाने के निर्देश दिए जाते हैं। इस क्रम में लेखा परीक्षा विभाग की ओर से खर्च धनराशि का ऑडिट किया जाता है। इसमें सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर अनियमितताओं को परखा जाता है।
विज्ञापन
हैरानी की बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के ऑनलाइन ऑडिट के लिए ब्लॉक मुरसान में 11, हाथरस ब्लॉक में पांच, हसायन में 16, सहपऊ में छह ग्राम पंचायतों के अभिलेख अभी तक ऑडिट टीम को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जबकि कई बार विभाग की ओर से इस संबंध ग्राम पंचायत सचिवों को पत्र भी जारी हो चुके हैं। अब इस मामले में पीडी ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। संवाद
विज्ञापन