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हाथरस : दीया पोर्टल के जरिये आंगनबाड़ी केंद्रों का डेटा एक क्लिक में देख सकेंगे अफसर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों का डेटा अब एक क्लिक पर शासन से लेकर जिले स्तर तक के अधिकारी देख सकेंगे। शासन स्तर से ‘दीया पोर्टल’ पर आंगनबाड़ी केंद्रों का पूरा डेटा फीड किया जा रहा है। इसमें केंद्र के जरिये लाभ पाने वाले सभी लाभार्थियों के आधार नंबर से लेकर अन्य जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
इस डेटा के जरिये पिछले दिनों राशन का वितरण भी किया गया था। दीया पोर्टल पर डेटा फीडिंग किए जाने के लिए विभाग की ओर से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आईडी और पासवर्ड दे दिए गए हैं। इनकी मदद से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डेटा की फीडिंग कर रहे हैं। इस पोर्टल पर ऐसी गर्भवती, धात्री महिलाएं, किशोरी और बालिकाएं है, जोकि स्कूल नहीं जा रही हैं।
दीया के जरिये आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलाइजेशन
हाथरस। ‘दीया पोर्टल’ के जरिये आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सभी केंद्रों को डिजिटल तरीके से अपडेट किया जा रहा है। इस पोर्टल पर हर तीन महीने के अंतराल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डेटा को अपडेट करेंगी, जिससे लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति पोर्टल पर प्रदर्शित हो सके। भारत सरकार से लेकर जिला स्तर के सभी अधिकारी अपने लॉगिन के जरिये इस पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ की स्थिति देख सकेंगे।
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फर्जीवाड़ा रोकने की कवायद
हाथरस। इन आंगनबाड़ी केंद्रों का डेटा ऑनलाइन किए जाने के पीछे शासन की मंशा लाभार्थियों की संख्या में फर्जीवाड़े को रोकने की है। इसके लिए प्रत्येक लाभार्थी का आधार कार्ड नंबर फीड किया जा रहा है। आधार कार्ड के जरिये ही योजना से संबंधित लाभ दिया जाएगा। नवजात बच्चे के माता का आधार कार्ड फीड कर योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।
दीया पोर्टल पर ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों का डेटा फीड कर दिया गया है। इस डेटा के फीड होने से योजना से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों की सीधी जानकारी रहेगी। योजना में पारदर्शिता भी रहेगी।
-डीके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों का डेटा अब एक क्लिक पर शासन से लेकर जिले स्तर तक के अधिकारी देख सकेंगे। शासन स्तर से ‘दीया पोर्टल’ पर आंगनबाड़ी केंद्रों का पूरा डेटा फीड किया जा रहा है। इसमें केंद्र के जरिये लाभ पाने वाले सभी लाभार्थियों के आधार नंबर से लेकर अन्य जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
इस डेटा के जरिये पिछले दिनों राशन का वितरण भी किया गया था। दीया पोर्टल पर डेटा फीडिंग किए जाने के लिए विभाग की ओर से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आईडी और पासवर्ड दे दिए गए हैं। इनकी मदद से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डेटा की फीडिंग कर रहे हैं। इस पोर्टल पर ऐसी गर्भवती, धात्री महिलाएं, किशोरी और बालिकाएं है, जोकि स्कूल नहीं जा रही हैं।
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दीया के जरिये आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलाइजेशन
हाथरस। ‘दीया पोर्टल’ के जरिये आंगनबाड़ी केंद्रों का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। सभी केंद्रों को डिजिटल तरीके से अपडेट किया जा रहा है। इस पोर्टल पर हर तीन महीने के अंतराल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डेटा को अपडेट करेंगी, जिससे लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति पोर्टल पर प्रदर्शित हो सके। भारत सरकार से लेकर जिला स्तर के सभी अधिकारी अपने लॉगिन के जरिये इस पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ की स्थिति देख सकेंगे।
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फर्जीवाड़ा रोकने की कवायद
हाथरस। इन आंगनबाड़ी केंद्रों का डेटा ऑनलाइन किए जाने के पीछे शासन की मंशा लाभार्थियों की संख्या में फर्जीवाड़े को रोकने की है। इसके लिए प्रत्येक लाभार्थी का आधार कार्ड नंबर फीड किया जा रहा है। आधार कार्ड के जरिये ही योजना से संबंधित लाभ दिया जाएगा। नवजात बच्चे के माता का आधार कार्ड फीड कर योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।
दीया पोर्टल पर ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों का डेटा फीड कर दिया गया है। इस डेटा के फीड होने से योजना से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों की सीधी जानकारी रहेगी। योजना में पारदर्शिता भी रहेगी।
-डीके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।