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हाथरस : मतगणना की सुस्त चाल पर झल्लाए अफसर
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एमजी पॉलीटेक्निक के सामने बैरियर लगाकर तैनात पुलिस। संवाद
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
एमजी पॉलीटेक्निक में मतगणना के लिए सुबह छह बजे से ही प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क रहा। मतगणना के दौरान प्रेक्षक व अन्य अफसर मतगणना कक्षों का निरीक्षण करते रहे।
आयोग के निर्देश के क्रम में सुबह आठ बजे से डाक मतपत्र की मतगणना शुरू होनी थी, लेकिन करीब 5 मिनट की देरी से डाक मतपत्र की गणना शुरू हुई। दिन भर मतगणना की चाल बेहद सुस्त रही। कछुआ चाल से मतगणना होती देखकर उच्चाधिकारी भी परेशान रहे।
दोपहर में मतगणना के परिणाम आने के साथ में ही लोगों ने जीत हार के रुझान लगाना शुरू कर दिया था। मीडिया सेंटर में लगे टीवी पर लोग नजर गड़ाए बैठे रहे। कुछ अधिकारियों ने नतीजे आते देख मतगणना तेज कराने के लिए हाथ पैर मारना शुरू कर दिया। मतगणना तेज कराने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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मतगणना की धीमी गति को देखकर अधिकारीगण भी झल्ला उठे। एक अधिकारी को यह भी कहते सुना गया कि महीनों की मेहनत बेकार गई। इतना समझाया और ट्रेनिंग दी, फिर भी ऐसे मतगणना कर रहे हैं, जैसे कुछ जानते ही नहीं हैं। कुछ अधिकारी व एजेंट मतगणना कर्मियों को जमकर कोसते हुए दिखे।
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एमजी पॉलीटेक्निक में मतगणना के लिए सुबह छह बजे से ही प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क रहा। मतगणना के दौरान प्रेक्षक व अन्य अफसर मतगणना कक्षों का निरीक्षण करते रहे।
आयोग के निर्देश के क्रम में सुबह आठ बजे से डाक मतपत्र की मतगणना शुरू होनी थी, लेकिन करीब 5 मिनट की देरी से डाक मतपत्र की गणना शुरू हुई। दिन भर मतगणना की चाल बेहद सुस्त रही। कछुआ चाल से मतगणना होती देखकर उच्चाधिकारी भी परेशान रहे।
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दोपहर में मतगणना के परिणाम आने के साथ में ही लोगों ने जीत हार के रुझान लगाना शुरू कर दिया था। मीडिया सेंटर में लगे टीवी पर लोग नजर गड़ाए बैठे रहे। कुछ अधिकारियों ने नतीजे आते देख मतगणना तेज कराने के लिए हाथ पैर मारना शुरू कर दिया। मतगणना तेज कराने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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मतगणना की धीमी गति को देखकर अधिकारीगण भी झल्ला उठे। एक अधिकारी को यह भी कहते सुना गया कि महीनों की मेहनत बेकार गई। इतना समझाया और ट्रेनिंग दी, फिर भी ऐसे मतगणना कर रहे हैं, जैसे कुछ जानते ही नहीं हैं। कुछ अधिकारी व एजेंट मतगणना कर्मियों को जमकर कोसते हुए दिखे।