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हाथरस : एसडीएम न्यायालय से जारी हुए नोटिसों पर आपत्ति
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एसडीएम न्यायालय से जारी हुए नोटिसों पर आपत्ति
क्रासर
अधिवक्ताओं ने एसडीएम से मिलकर बताईं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सासनी। दी बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अंजलि गंगवार से मिला और उन्हें समस्याओं से अवगत कराया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायालय से बिना विधिक प्रक्रिया के नोटिस जारी किए गए हैं। इससे जनता का शोषण एवं उत्पीड़न हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने की मांग की गई।
एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि न्यायालय द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी के आदेश का पालन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनाई गई है। अधिवक्ताओं ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि बिना विवेचना अधिकारी के बयान अंकित कराए धारा 116-3 के तहत नोटिस जारी नहीं किया जा सकता है। उनके द्वारा कोई बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। जो मामले दंड प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायालय में विचाराधीन हैं, उनमें भी विधि विरुद्ध जमानत मांगी जा रही है। यह विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। प्रतिनिधिमंडल ने विधिक प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में राजनलाल शर्मा, पीके सिंह, मनवीर सिंह वालियान, सुरेशचंद्र शर्मा, राजेश शर्मा, योगेश शर्मा, संजीव कुमार, महेंद्र कुशवाहा, मधुकर नगाइच आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
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अधिवक्ताओं ने एसडीएम से मिलकर बताईं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सासनी। दी बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अंजलि गंगवार से मिला और उन्हें समस्याओं से अवगत कराया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायालय से बिना विधिक प्रक्रिया के नोटिस जारी किए गए हैं। इससे जनता का शोषण एवं उत्पीड़न हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने की मांग की गई।
एसडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि न्यायालय द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी के आदेश का पालन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनाई गई है। अधिवक्ताओं ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि बिना विवेचना अधिकारी के बयान अंकित कराए धारा 116-3 के तहत नोटिस जारी नहीं किया जा सकता है। उनके द्वारा कोई बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। जो मामले दंड प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायालय में विचाराधीन हैं, उनमें भी विधि विरुद्ध जमानत मांगी जा रही है। यह विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। प्रतिनिधिमंडल ने विधिक प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में राजनलाल शर्मा, पीके सिंह, मनवीर सिंह वालियान, सुरेशचंद्र शर्मा, राजेश शर्मा, योगेश शर्मा, संजीव कुमार, महेंद्र कुशवाहा, मधुकर नगाइच आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
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