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हाथरस : अब ईपीआर से होगी सामान की ऑनलाइन निगरानी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली महकमे में इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईपीआर) सिस्टम लागू हो गया है। जेई से लेकर स्टोर तक हर स्तर पर सामान की ऑनलाइन निगरानी होगी। छुट्टी और वेतन से लेकर सबकुछ ऑनलाइन होगा। कर्मियों के लिए लैपटॉप खरीदने के लिए महकमे में पत्र भी आ गया है। विभाग द्वारा तीन किस्तों में इसका भुगतान किया जाएगा।
बिजली महकमे द्वारा जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। अब बिजली विभाग उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश में जुट गया है। ईपीआर सिस्टम में उपभोक्ता को सामान के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सत्यापन करने के बाद जेई आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए साइट पर क्लिक करेगा। उसके बाद यह ब्योरा एसडीओ को सिस्टम पर दिखने लग जाएगा। अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता सहित सभी अधिकारियों के क्लिक करने के बाद उपभोक्ता का आवेदन स्टोर तक पहुंचेगा। उपभोक्ता अपनी बारी आने पर आसानी से सामान को उठा सकेंगे।
आने वाले दिनों में कागजी प्रक्रिया होगी शून्य
पहले बिजली स्टोर से सामान को उठाने के लिए इंडेंट इनवायस बनती थी। उसके बाद सामान का उठान करने में महीनों लग जाते थे। अब सबकुछ ऑनलाइन होने से इस प्रक्रिया में समय कम लगेगा। नियत अवधि में अफसरों को काम करना होगा। इसके अलावा वेतन, छुट्टी आदि की जानकारी भी अधिकारियों को इस सॉफ्टवेयर से मिलती रहेगी। इस सिस्टम से बिजली महकमे में आने वाले दिनों में कागजी प्रक्रिया शून्य हो जाएगी।
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ईपीआर सिस्टम से आने वाले दिनों में कागजी प्रक्रिया शून्य होगी। सब कुछ ऑनलाइन होगा। सभी कर्मियों को लैपटॉप लेने का आदेश आया है। इसकी धनराशि का भुगतान निगम द्वारा तीन किस्तों में किया जाएगा।
- अभय प्रताप सिंह, सहायक अभियंता भंडार हाथरस।
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बिजली महकमे में इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईपीआर) सिस्टम लागू हो गया है। जेई से लेकर स्टोर तक हर स्तर पर सामान की ऑनलाइन निगरानी होगी। छुट्टी और वेतन से लेकर सबकुछ ऑनलाइन होगा। कर्मियों के लिए लैपटॉप खरीदने के लिए महकमे में पत्र भी आ गया है। विभाग द्वारा तीन किस्तों में इसका भुगतान किया जाएगा।
बिजली महकमे द्वारा जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। अब बिजली विभाग उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश में जुट गया है। ईपीआर सिस्टम में उपभोक्ता को सामान के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सत्यापन करने के बाद जेई आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए साइट पर क्लिक करेगा। उसके बाद यह ब्योरा एसडीओ को सिस्टम पर दिखने लग जाएगा। अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता सहित सभी अधिकारियों के क्लिक करने के बाद उपभोक्ता का आवेदन स्टोर तक पहुंचेगा। उपभोक्ता अपनी बारी आने पर आसानी से सामान को उठा सकेंगे।
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आने वाले दिनों में कागजी प्रक्रिया होगी शून्य
पहले बिजली स्टोर से सामान को उठाने के लिए इंडेंट इनवायस बनती थी। उसके बाद सामान का उठान करने में महीनों लग जाते थे। अब सबकुछ ऑनलाइन होने से इस प्रक्रिया में समय कम लगेगा। नियत अवधि में अफसरों को काम करना होगा। इसके अलावा वेतन, छुट्टी आदि की जानकारी भी अधिकारियों को इस सॉफ्टवेयर से मिलती रहेगी। इस सिस्टम से बिजली महकमे में आने वाले दिनों में कागजी प्रक्रिया शून्य हो जाएगी।
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ईपीआर सिस्टम से आने वाले दिनों में कागजी प्रक्रिया शून्य होगी। सब कुछ ऑनलाइन होगा। सभी कर्मियों को लैपटॉप लेने का आदेश आया है। इसकी धनराशि का भुगतान निगम द्वारा तीन किस्तों में किया जाएगा।
- अभय प्रताप सिंह, सहायक अभियंता भंडार हाथरस।