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हाथरस : रात में क्लीनिकों पर चिपकाया नोटिस, सुबह की कार्रवाई
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छापेमारी के दौरान नोटिस तैयार करते डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार व एसीएमओ।
- फोटो : HASAYAN
संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप चिकित्सकों, अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों व पैथोलॉजी के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया। रविवार की रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महौं के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पवन कुमार राजपूत के नेतृत्व में टीम ने झोलाछाप चिकित्सकों के यहां पर पहुंचकर छापेमारी करते हुए 12 वर्ष पहले हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की प्रति क्लीनिकों पर चस्पा की गई। उसके बाद सोमवार को कस्बा हसायन में डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार के नेतृत्व में एसीएमओ डॉ. नरेश गोयल व एमओआईसी राजकिशोर वर्मा ने क्लीनिकों पर कार्रवाई की।
हालांकि, झोलाछाप चिकित्सकों को कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल गई थी इसलिए वे अपने क्लीनिक बंद कर फरार हो गए। कुछ क्लीनिक खुले मिले जिन्हें नोटिस दिया गया। बता दें कि 12 वर्ष पहले तत्कालीन डीएम पीआर मिश्र ने झोलाछाप डॉक्टरों व अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संचालकों को जेल भिजवाया था।
इस वक्त हाईकोर्ट ने बिना किसी रजिस्ट्रेशन व अनुमित के चिकित्सा कार्य करने को अवैध बताते हुए झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग हर बार कार्रवाई करता है लेकिन, कुछ समय बाद झोलाछाप डॉक्टर फिर से सक्रिय हो जाते हैं। इलाज के नाम पर वे लोगों को खूब लूटते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप चिकित्सकों, अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों व पैथोलॉजी के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया। रविवार की रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महौं के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पवन कुमार राजपूत के नेतृत्व में टीम ने झोलाछाप चिकित्सकों के यहां पर पहुंचकर छापेमारी करते हुए 12 वर्ष पहले हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की प्रति क्लीनिकों पर चस्पा की गई। उसके बाद सोमवार को कस्बा हसायन में डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार के नेतृत्व में एसीएमओ डॉ. नरेश गोयल व एमओआईसी राजकिशोर वर्मा ने क्लीनिकों पर कार्रवाई की।
हालांकि, झोलाछाप चिकित्सकों को कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल गई थी इसलिए वे अपने क्लीनिक बंद कर फरार हो गए। कुछ क्लीनिक खुले मिले जिन्हें नोटिस दिया गया। बता दें कि 12 वर्ष पहले तत्कालीन डीएम पीआर मिश्र ने झोलाछाप डॉक्टरों व अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संचालकों को जेल भिजवाया था।
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इस वक्त हाईकोर्ट ने बिना किसी रजिस्ट्रेशन व अनुमित के चिकित्सा कार्य करने को अवैध बताते हुए झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग हर बार कार्रवाई करता है लेकिन, कुछ समय बाद झोलाछाप डॉक्टर फिर से सक्रिय हो जाते हैं। इलाज के नाम पर वे लोगों को खूब लूटते हैं।
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