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हाथरस : दूतावास में कोई नहीं उठा रहा फोन : अंकित
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
18 घंटे के सफर के बाद यूक्रेन बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंचे अंकित बेहद परेशान हैं और उनकी दुश्वारियां कम नहीं हो रही। वहां किसी एनजीओ ने वहां शेल्टर होम में ठहराया है। सोमवार की रात्रि नौ बजे अंकित ने वीसी पर हुई बातचीत में बताया कि बाहर बर्फबारी हो रही है। दूतावास में कोई फोन नहीं उठा रहा है। पता नहीं आखिर वह कब तक अपने घर पहुंच पाएंगे।
गांव मूंगसा हाथरस गेट निवासी अनिल शर्मा के पुत्र अंकित का कहना था कि जैसे-तैसे वह कल सुबह 18 घंटेे का सफर तय कर रोमानिया पहुंच गए और वहां शेल्टर होम में ठहरा दिया गया है। दूतावास से वह संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन दूतावास में कोई फोन नहीं उठा रहा।
शेल्टर होम पर पहरा लगा है। ऐसे में वह बाहर भी नहीं जा सकते। अंकित ने रोमानिया के हालात बयां करते हुए बताया कि बाहर बर्फबारी हो रही और सर्दी बढ़ रही है। जहां उन्हें ठहराया गया है वहां केवल ब्रेड आदि ही खाने के लिए हैं।
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कोई प्रशासनिक व्यवस्था यहां नहीं है। अंकित का कहना था कि पहले उन्हें लग रहा था कि बार्डर पार कर उन्हें रोमानिया के एयरपोर्ट ले जाया जा रहा है लेकिन उन्हें शेल्टर होम में ठहरा दिया गया है।
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18 घंटे के सफर के बाद यूक्रेन बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंचे अंकित बेहद परेशान हैं और उनकी दुश्वारियां कम नहीं हो रही। वहां किसी एनजीओ ने वहां शेल्टर होम में ठहराया है। सोमवार की रात्रि नौ बजे अंकित ने वीसी पर हुई बातचीत में बताया कि बाहर बर्फबारी हो रही है। दूतावास में कोई फोन नहीं उठा रहा है। पता नहीं आखिर वह कब तक अपने घर पहुंच पाएंगे।
गांव मूंगसा हाथरस गेट निवासी अनिल शर्मा के पुत्र अंकित का कहना था कि जैसे-तैसे वह कल सुबह 18 घंटेे का सफर तय कर रोमानिया पहुंच गए और वहां शेल्टर होम में ठहरा दिया गया है। दूतावास से वह संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन दूतावास में कोई फोन नहीं उठा रहा।
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शेल्टर होम पर पहरा लगा है। ऐसे में वह बाहर भी नहीं जा सकते। अंकित ने रोमानिया के हालात बयां करते हुए बताया कि बाहर बर्फबारी हो रही और सर्दी बढ़ रही है। जहां उन्हें ठहराया गया है वहां केवल ब्रेड आदि ही खाने के लिए हैं।
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कोई प्रशासनिक व्यवस्था यहां नहीं है। अंकित का कहना था कि पहले उन्हें लग रहा था कि बार्डर पार कर उन्हें रोमानिया के एयरपोर्ट ले जाया जा रहा है लेकिन उन्हें शेल्टर होम में ठहरा दिया गया है।