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हाथरस : बोरिंग कराने से पहले लेना होगा अनापत्ति प्रमाणपत्र
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लगातार गिर रहे भूजल स्तर को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने ग्राउंडवाटर एक्ट, 2019 लागू किया है। इस एक्ट को सख्ती से पालन कराने के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया जा चुका है।
सीडीओ आरबी भास्कर ने बताया कि भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम, 2019 के अंतर्गत अब प्रत्येक औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूजल उपभोक्ताओं को अपनी विद्यमान एवं भावी बोरिंग के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र)/पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने बताया कि एनओसी एवं पंजीकरण के आवेदन लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर करना होगा। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूजल उपभोक्ताओं को अपनी समस्त बोरिंग पर डिजिटल फ्लोमीटर लगवाना है, भूजल उपयोग का शुल्क भी अदा करना होगा। उक्त अधिनियम का पालन न करने पर प्रथम अपराध के लिए 2 लाख से 5 लाख अर्थदंड अथवा 6 माह से एक वर्ष की कारावास की सजा दी जाएगी।
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लगातार गिर रहे भूजल स्तर को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने ग्राउंडवाटर एक्ट, 2019 लागू किया है। इस एक्ट को सख्ती से पालन कराने के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया जा चुका है।
सीडीओ आरबी भास्कर ने बताया कि भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम, 2019 के अंतर्गत अब प्रत्येक औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूजल उपभोक्ताओं को अपनी विद्यमान एवं भावी बोरिंग के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र)/पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है।
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उन्होंने बताया कि एनओसी एवं पंजीकरण के आवेदन लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर करना होगा। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूजल उपभोक्ताओं को अपनी समस्त बोरिंग पर डिजिटल फ्लोमीटर लगवाना है, भूजल उपयोग का शुल्क भी अदा करना होगा। उक्त अधिनियम का पालन न करने पर प्रथम अपराध के लिए 2 लाख से 5 लाख अर्थदंड अथवा 6 माह से एक वर्ष की कारावास की सजा दी जाएगी।
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