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हाथरस : मनरेगा मजदूर की डेंगू से मौत, परिवार में कोहराम
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हाथरस : मनरेगा मजदूर वीरेंद्र सिंह का फाइल फोटो । संवाद
- फोटो : HASAYAN
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
क्षेत्र के गांव बसई निवासी मनरेगा मजदूर की बुखार के चलते मौत हो गई। दिल्ली में काम करने के दौरान वह बुखार की चपेट में आ गया था। साथियों ने दिल्ली में चिकित्सक के यहां उसका उपचार भी कराया, लेकिन जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह उसे उसके गांव वापस ले आए। परिजन उसे इलाज के लिए सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएचसी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मजदूर की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है।
वीरेंद्र सिंह सिंह उर्फ कालीचरण (50 वर्ष) गांव बसई में मनरेगा मजदूर है। पूर्व बीडीसी सदस्य संजय जाटव उर्फ डीएम ने बताया कि वीरेंद्र सिंह ने गांव में मनरेगा के तहत कार्य भी किया था। दिवाली का त्योहार नजदीक आने के कारण परिवार के सदस्यों के गुजारे के लिए वीरेंद्र सिंह दिल्ली में रंगाई-पुताई का कार्य करने के लिए चला गया। वहां उसे बुखार आ गया।
बुखार आने पर वीरेंद्र सिंह के साथ गए लोगों ने उसका दिल्ली के किसी अस्पताल में उपचार कराया। वहां उपचार के दौरान उसे डेंगू बताया गया। वीरेंद्र सिंह के साथ उसे गांव वापस ले आ आए। पूर्व बीडीसी सदस्य ने बताया कि बुधवार को वीरेंद्र सिंह को उपचार के लिए सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। वीरेंद्र ने अपने पीछे चार पुत्र व एक पुत्री को बिलखते हुए छोड़ा है। संवाद
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क्षेत्र के गांव बसई निवासी मनरेगा मजदूर की बुखार के चलते मौत हो गई। दिल्ली में काम करने के दौरान वह बुखार की चपेट में आ गया था। साथियों ने दिल्ली में चिकित्सक के यहां उसका उपचार भी कराया, लेकिन जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह उसे उसके गांव वापस ले आए। परिजन उसे इलाज के लिए सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। सीएचसी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मजदूर की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है।
वीरेंद्र सिंह सिंह उर्फ कालीचरण (50 वर्ष) गांव बसई में मनरेगा मजदूर है। पूर्व बीडीसी सदस्य संजय जाटव उर्फ डीएम ने बताया कि वीरेंद्र सिंह ने गांव में मनरेगा के तहत कार्य भी किया था। दिवाली का त्योहार नजदीक आने के कारण परिवार के सदस्यों के गुजारे के लिए वीरेंद्र सिंह दिल्ली में रंगाई-पुताई का कार्य करने के लिए चला गया। वहां उसे बुखार आ गया।
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बुखार आने पर वीरेंद्र सिंह के साथ गए लोगों ने उसका दिल्ली के किसी अस्पताल में उपचार कराया। वहां उपचार के दौरान उसे डेंगू बताया गया। वीरेंद्र सिंह के साथ उसे गांव वापस ले आ आए। पूर्व बीडीसी सदस्य ने बताया कि बुधवार को वीरेंद्र सिंह को उपचार के लिए सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। वीरेंद्र ने अपने पीछे चार पुत्र व एक पुत्री को बिलखते हुए छोड़ा है। संवाद
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