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हाथरस : आम बजट से मध्यम वर्ग निराश, उद्यमियों को बंधी आस
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
केंद्र सरकार के आम बजट में मध्यम वर्ग को निराशा मिली है। आयकर में छूट की सीमा नहीं बढ़ाई गई है, अलबत्ता लघु उद्यमियों को इस बजट से उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लघु उद्यमियों को आशा है कि इस बजट से इससे उनके उद्योगों को काफी लाभ मिलेगा। इमरजेंसी क्रेडिट गाइडलाइन स्कीम के दायरे को जिस तरह से बढ़ाया जा रहा है, उससे यहां के उद्यमी को भी लग रहा है कि उन्हें इससे फायदा मिलेगा।
आने वाले समय में यहां के परंपरागत दाल, पावरलूम, हैंडीक्राफ्ट और रंग-गुलाल आदि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। जानकार इसे उद्यमियों को राहत देने वाला बजट बता रहे हैं। इस बजट में कर का ढांचा जस का तस रखा गया है। इससे मध्यम वर्ग निराश है। लोगों को आशा थी कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। संवाद
हाथरस के उद्योगों पर एक नजर
दाल उद्योग
55 छोटी बड़ी दाल मिलें हैं
11 सौ क्विंटल प्रतिदिन दाल का उत्पादन होता है।
हींग कारोबार
130 पंजीकृत हींग फैक्टरियां हैं।
100 छोटी हींग फैक्टरियां हैं।
30 करोड़ रुपये करीब सालाना टर्नओवर है
रंग-गुलाल का कारोबार
20 करीब रंग-गुलाल की फैक्टरियां हैं
30 करीब रुपये करोड़ सालाना टर्नओवर है।
रेडीमेड गारमेंट कारोबार
250 रेडीमेड गारमेंट इकाइयां हैं।
140 पंजीकृत इकाइयां है।
110 गैर पंजीकृत इकाइयां है। करीब सभी यूनिटों में 500 करोड़ का टर्नओवर है।
प्रति यूनिट में 40 से 50 कारीगर काम करते हैं।
अचार-मुरब्बा उद्योग
22 से 25 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर है।
15 पंजीकृत व 12 गैर पंजीकृत फैक्टरियां हैं।
मेटल कारोबार
125 पंजीकृत मेटल यूनिटें।
100 से ज्यादा गैर पंजीकृत इकाइयां है।
50 से 60 करोड़ रुपये प्रति यूनिट का कारोबार है।
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केंद्र सरकार के आम बजट में मध्यम वर्ग को निराशा मिली है। आयकर में छूट की सीमा नहीं बढ़ाई गई है, अलबत्ता लघु उद्यमियों को इस बजट से उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लघु उद्यमियों को आशा है कि इस बजट से इससे उनके उद्योगों को काफी लाभ मिलेगा। इमरजेंसी क्रेडिट गाइडलाइन स्कीम के दायरे को जिस तरह से बढ़ाया जा रहा है, उससे यहां के उद्यमी को भी लग रहा है कि उन्हें इससे फायदा मिलेगा।
आने वाले समय में यहां के परंपरागत दाल, पावरलूम, हैंडीक्राफ्ट और रंग-गुलाल आदि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। जानकार इसे उद्यमियों को राहत देने वाला बजट बता रहे हैं। इस बजट में कर का ढांचा जस का तस रखा गया है। इससे मध्यम वर्ग निराश है। लोगों को आशा थी कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। संवाद
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हाथरस के उद्योगों पर एक नजर
दाल उद्योग
55 छोटी बड़ी दाल मिलें हैं
11 सौ क्विंटल प्रतिदिन दाल का उत्पादन होता है।
हींग कारोबार
130 पंजीकृत हींग फैक्टरियां हैं।
100 छोटी हींग फैक्टरियां हैं।
30 करोड़ रुपये करीब सालाना टर्नओवर है
रंग-गुलाल का कारोबार
20 करीब रंग-गुलाल की फैक्टरियां हैं
30 करीब रुपये करोड़ सालाना टर्नओवर है।
रेडीमेड गारमेंट कारोबार
250 रेडीमेड गारमेंट इकाइयां हैं।
140 पंजीकृत इकाइयां है।
110 गैर पंजीकृत इकाइयां है। करीब सभी यूनिटों में 500 करोड़ का टर्नओवर है।
प्रति यूनिट में 40 से 50 कारीगर काम करते हैं।
अचार-मुरब्बा उद्योग
22 से 25 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर है।
15 पंजीकृत व 12 गैर पंजीकृत फैक्टरियां हैं।
मेटल कारोबार
125 पंजीकृत मेटल यूनिटें।
100 से ज्यादा गैर पंजीकृत इकाइयां है।
50 से 60 करोड़ रुपये प्रति यूनिट का कारोबार है।