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हाथरस : बच्चों को खिलाई पेट के कीड़े निकालने की दवा

Sat, 12 Mar 2022 12:26 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:26 AM IST
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Hathras: Medicine given to children to remove stomach worms
हाथरस : मुरसान के गांव दयालपुर में अभियान का शुभारंभ करते एसीएमओ। संवाद - फोटो : MURSAN
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) के तहत एक से 19 वर्ष आयु के बच्चों और किशोरों को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल की खुराक देने की शुरुआत हुई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एएस वशिष्ठ व नोडल व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने सादाबाद से की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने और रक्त की कमी को दूर करने के लिए पेट के कीड़े निकालने के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संक्रमण से बचाव के लिए घरों के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें और नाखूनों को साफ व छोटा रखें।
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नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया जिले में 7.50 लाख से अधिक बच्चों को यह दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 2 से 19 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की 400 मिग्रा की गोली खिलाई जा रही है, जबकि 1 से 2 वर्ष के बच्चों को 200 मिग्रा की आधी गोली दी जा रही है। इसके लिए जिले भर के 1,773 सरकारी स्कूलों, 926 निजी विद्यालयों और 1762 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पूर्व में ही चिन्हित कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि यह गोली पूरी तरह से सुरक्षित है। किसी भी भ्रम में पड़ने की आवश्यकता नहीं है। संवाद
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कृमि रोग के लक्षण
-अनायास मतली या उल्टियां होना।
-दस्त होना।
-पेट दर्द।
-बच्चे दुबले और कमजोर हो जाते हैं।
-ये कीड़े कभी-कभी उल्टी में मुंह अथवा नाक, मल द्वार से बाहर भी निकल सकते हैं।
-कुछ बच्चे या बड़े कृमि रोग के कारण दमा जैसे लक्षणों अर्थात सांस फूलना, खांसी आना इत्यादि के शिकार हो जाते हैं।
-कई एलर्जी के लक्षण उत्पन्न करते हैं।
सावधानियां
-सब्जियाें और फलों का उपयोग खूब अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें।
-स्वच्छ पानी ही पीयें, इसके लिये फिल्टर का उपयोग करें या आवश्यकतानुसार पानी को उबालकर पीना चाहिये।
-घरों में मल एवं गंदगी के निकास की उचित व्यवस्था करवाएं। जहां तक संभव हो, शौचालय कुछ अलग स्थान में रखने चाहिए।
-कुओं और जलाशयों की नियमित सफाई आवश्यक है। ऐसे स्थानों के पास अथवा खेत इत्यादि में शौच क्रिया न करें।
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