Good News: नये साल 2026 में खसरा मुक्त होगा हाथरस, अब मिल रहे महीने में केवल एक-दो मरीज ही
हाथरस जनपद में हाल ही में दो बच्चे खसरा ग्रसित मिले थे। सितंबर में सिकंदराराऊ और अक्तूबर में मुरसान में एक-एक बच्चा खसरा पीड़ित मिला था। राष्ट्रीय शून्य खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान के तहत आने वाले नये वर्ष 2026 में देश को खसरा व रूबेला रोग से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य है।
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स्वास्थ्य विभाग नये वर्ष 2026 में हाथरस जिले को खसरा मुक्त बनाने की कवायद में जुट गया है। जिले में खसरे का टीका लगाने के लिए कुल लक्षित बच्चों की संख्या 41,960 है, इसके सापेक्ष 11 हजार बच्चे ऐसे हैं, जिनको टीका नहीं लग सका है। अब इन बच्चों को तलाश कर टीका लगाया जाएगा। लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में इसका खाका खींचा गया है। खसरा के टीके से वंचित रह गए बच्चों को दिसंबर के टीका उत्सव में खुराक देने का लक्ष्य है। एएनएम और आशा के माध्यम से इनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
राष्ट्रीय शून्य खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान के तहत आने वाले नये वर्ष 2026 में देश को खसरा व रूबेला रोग से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य है। इसके लिए 95 फीसदी से अधिक टीकाकरण किया जाना है। बच्चों को खसरे की दो खुराक एम-वन व एम-टू दी जाती हैं। जिले में खसरे का टीका लगाने के लिए कुल लक्षित बच्चों की संख्या 41,960 है, इसके सापेक्ष 11 हजार बच्चे ऐसे हैं, जिनको टीका नहीं लग सका है। इनमें दूर-दराज के इलाकों के बच्चे, शहर से बाहर जा चुके और निर्धारित उम्र की सीमा पार कर चुके बच्चे शामिल हैं।
दिसंबर में टीका उत्सव मनाया जा रहा है। इसी उत्सव में टीकाकरण से छूट गए सभी बच्चों को फिर चिह्नित कर एमआर वन व एमआर टू की खुराक दी जानी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का प्रयास है कि 95 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जाए, ताकि खसरा मुक्त अभियान के मानक पूर्ण किए जा सके हैं। इसके लिए एएनएम, आशा व जिले की टीम जुटी हुई है। यू-विन पोर्टल पर इनकी जानकारी अपलोड की जा रही है।
खसरा खत्म करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चल रहा है। टीका उत्सव में छूटे बच्चों को एमआर वन और टू के टीके लगाए जाएंगे। एएनएम और आशा को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। वह घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रहीं हैं। उम्मीद है कि नये वर्ष में जनपद पूरी तरह से खसरा मुक्त करा लिया जाएगा।-डाॅ. एमआई आलम, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
लखनऊ की बैठक में शामिल हुए अफसर
लखनऊ में इसी सप्ताह हुई समीक्षा बैठक में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ. एमआई आलम के साथ पांच एमओआइसी शामिल हुए। मुरसान, सासनी, महौ, हसायन और सिकंदराराऊ सीएचसी के प्रभारी भी इस बैठक में गए थे। इस बैठक में जिले के उन बच्चों पर फोकस रहा, जो खसरा का टीका लगवाने से वंचित रह गए हैं। जनपद को खसरा मुक्त बनाने के लिए हो रही तैयारियों का जायजा लिया गया।
हाल ही में मिले थे दो खसरा मरीज
हाल ही में दो बच्चे खसरा ग्रसित मिले थे। सितंबर में सिकंदराराऊ और अक्तूबर में मुरसान में एक-एक बच्चा खसरा पीड़ित मिला था। इनकी जांच कराने के बाद आस-पास के 50 घरों की भी स्क्रीनिंग की गई थी। इसके बाद से खसरा टीका लगने से छूट गए बच्चों की तलाश तेज कर दी गई है।