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हाथरस: कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी से स्थानीय पदाधिकारियों में गुस्सा
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हाथरस: डीएम को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के पदाधिकारी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कांग्रेस की बसों को यूपी में प्रवेश नहीं देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस सिलसिले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए उनको घर तक पहुंचाने के हेतु एक हजार बसों को प्रदेश सरकार को सुपुर्द करने के लिए भेजी। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी, जुबेर खान, विवेक बंसल, प्रदीप माथुर आदि वरिष्ठ नेता भरतपुर बॉर्डर पर पहुंचे। पुलिस-प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाया गया। नेक कार्य के लिए नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
प्रदेश सरकार का तानाशाही रवैया यहीं पर खत्म नहीं हुआ। आगरा पुलिस लाइन आदि जगह जगह कांग्रेस के नेताओं को रखा गया। कार्यकर्ताओं को मिलने नहीं दिया गया। उसके उपरांत प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजना सरासर अन्याय है। ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता जेल जाने से नहीं डरते, लेकिन मजदूरों की तकलीफों के लिए बस देने को लेकर भी इस तरीके उत्पीड़न करना प्रदेश सरकार का तानाशाही रवैया है। ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, शहर अध्यक्ष विनोद कुमार कर्दम, गोविंद शरण चतुर्वेदी, कपिल नरूला, राधेश्याम अग्निहोत्री, संजय कप्तान, विष्णु कुमार आदि मौजूद थे।
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कांग्रेस की बसों को यूपी में प्रवेश नहीं देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस सिलसिले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए उनको घर तक पहुंचाने के हेतु एक हजार बसों को प्रदेश सरकार को सुपुर्द करने के लिए भेजी। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी, जुबेर खान, विवेक बंसल, प्रदीप माथुर आदि वरिष्ठ नेता भरतपुर बॉर्डर पर पहुंचे। पुलिस-प्रशासन द्वारा तानाशाही रवैया अपनाया गया। नेक कार्य के लिए नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
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प्रदेश सरकार का तानाशाही रवैया यहीं पर खत्म नहीं हुआ। आगरा पुलिस लाइन आदि जगह जगह कांग्रेस के नेताओं को रखा गया। कार्यकर्ताओं को मिलने नहीं दिया गया। उसके उपरांत प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजना सरासर अन्याय है। ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता जेल जाने से नहीं डरते, लेकिन मजदूरों की तकलीफों के लिए बस देने को लेकर भी इस तरीके उत्पीड़न करना प्रदेश सरकार का तानाशाही रवैया है। ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, शहर अध्यक्ष विनोद कुमार कर्दम, गोविंद शरण चतुर्वेदी, कपिल नरूला, राधेश्याम अग्निहोत्री, संजय कप्तान, विष्णु कुमार आदि मौजूद थे।
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