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हाथरस : उद्योग-धंधे स्थापित हों, स्वास्थ्य सेवाएं भी हों बेहतर
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हाथरस : चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा करते लोग। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे ही हर तरफ चुनाव को लेकर ही चर्चा हो रही है। शहर के आगरा रोड स्थित एक चाय की दुकान पर लोग चुनाव को लेकर चर्चा में मशगूल दिखाई दिए।
वहां लक्ष्मण शर्मा का कहना था कि पार्टियां अपने-अपने हिसाब से उम्मीदवार मैदान में उतारती है, लेकिन प्रत्याशी की छवि कैसी है। इसे नहीं देखती। उनका कहना था कि वह ऐसे प्रत्याशी को वोट देंगे, जिसकी छवि स्वच्छ हो। विकास शर्मा का कहना था कि यहां के उद्योग-धंधे उजड़ते जा रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बेरोजगारी बढ़ गई है। ऐसे में ऐसी पार्टी व उसके प्रत्याशी को वोट देंगे, जो यहां फिर से उद्योग-धंधे स्थापित कराए।
संदीप शर्मा ने कहना था कि वोट मांगने के बाद प्रत्याशी अगर चुनाव में जीत जीत जाए तो जनता की नहीं सुनता। ऐसे में उस प्रत्याशी को वोट दिया जाएगा, जिसके बारे में यह लगेगा कि वह समस्याओं का निस्तारण भी करा देगा। राजू का कहना था कि यहां सरकारी अस्पतालों में उपचार के पर्याप्त साधन नहीं है। जरा सी बीमारी पर मरीज को अलीगढ़ या आगरा ले जाना पड़ता है। ऐसे में यहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होनी चाहिए। यही कहना था अंकित जैन का। सचिन का कहना था कि यहां तकनीकी शिक्षा का कोई संस्थान स्थापित होना चाहिए। संवाद
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चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे ही हर तरफ चुनाव को लेकर ही चर्चा हो रही है। शहर के आगरा रोड स्थित एक चाय की दुकान पर लोग चुनाव को लेकर चर्चा में मशगूल दिखाई दिए।
वहां लक्ष्मण शर्मा का कहना था कि पार्टियां अपने-अपने हिसाब से उम्मीदवार मैदान में उतारती है, लेकिन प्रत्याशी की छवि कैसी है। इसे नहीं देखती। उनका कहना था कि वह ऐसे प्रत्याशी को वोट देंगे, जिसकी छवि स्वच्छ हो। विकास शर्मा का कहना था कि यहां के उद्योग-धंधे उजड़ते जा रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बेरोजगारी बढ़ गई है। ऐसे में ऐसी पार्टी व उसके प्रत्याशी को वोट देंगे, जो यहां फिर से उद्योग-धंधे स्थापित कराए।
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संदीप शर्मा ने कहना था कि वोट मांगने के बाद प्रत्याशी अगर चुनाव में जीत जीत जाए तो जनता की नहीं सुनता। ऐसे में उस प्रत्याशी को वोट दिया जाएगा, जिसके बारे में यह लगेगा कि वह समस्याओं का निस्तारण भी करा देगा। राजू का कहना था कि यहां सरकारी अस्पतालों में उपचार के पर्याप्त साधन नहीं है। जरा सी बीमारी पर मरीज को अलीगढ़ या आगरा ले जाना पड़ता है। ऐसे में यहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होनी चाहिए। यही कहना था अंकित जैन का। सचिन का कहना था कि यहां तकनीकी शिक्षा का कोई संस्थान स्थापित होना चाहिए। संवाद
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