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हाथरस : विदेश से आने वालों के बीमार पड़ने पर तुरंत दें सूचना
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल सागर वशिष्ठ ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा या अफ्रीकी देशों से 21 दिनों के भीतर यात्रा कर आया है, उसको चकते, बुखार या फिर सूजन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जिला सर्विलांस अधिकारी से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि अभी जो भी मामले अन्य देशों में आए हैं। उनमें से अधिकतर लोगों ने अफ्रीकी देशों की यात्रा की है या संक्रमित लोगों के संपर्क रहे हैं।
मंकीपॉक्स को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। यह एक वायरल जेनेटिक बीमारी है। जो मुख्य रूप से मध्य तथा पश्चिमी अफ्रीका के उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन क्षेत्रों में होती है, कभी-कभी अन्य क्षेत्रों में भी रोग का प्रसार होता है। इसमें बुखार, चकता तथा सूजी हुई लिम्फ नोड्स जैसे- लक्षण पाए जाते हैं। जिनके कारण अनेक प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं भी हो सकती है। मंकीपॉक्स जानवरों से मानवों में अथवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। संवाद
सावधानी बरतने की जरूरत
- मास्क लगाए, दो गज की दूरी बनाएं रखें
- हाथों को सैनिटाइज करते रहें
- अपने आसपास घर में सफाई रखें
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल सागर वशिष्ठ ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा या अफ्रीकी देशों से 21 दिनों के भीतर यात्रा कर आया है, उसको चकते, बुखार या फिर सूजन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जिला सर्विलांस अधिकारी से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि अभी जो भी मामले अन्य देशों में आए हैं। उनमें से अधिकतर लोगों ने अफ्रीकी देशों की यात्रा की है या संक्रमित लोगों के संपर्क रहे हैं।
मंकीपॉक्स को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। यह एक वायरल जेनेटिक बीमारी है। जो मुख्य रूप से मध्य तथा पश्चिमी अफ्रीका के उष्ण कटिबंधीय वर्षा वन क्षेत्रों में होती है, कभी-कभी अन्य क्षेत्रों में भी रोग का प्रसार होता है। इसमें बुखार, चकता तथा सूजी हुई लिम्फ नोड्स जैसे- लक्षण पाए जाते हैं। जिनके कारण अनेक प्रकार की चिकित्सकीय जटिलताएं भी हो सकती है। मंकीपॉक्स जानवरों से मानवों में अथवा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। संवाद
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सावधानी बरतने की जरूरत
- मास्क लगाए, दो गज की दूरी बनाएं रखें
- हाथों को सैनिटाइज करते रहें
- अपने आसपास घर में सफाई रखें