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हाथरस : चिकित्सक और कर्मी ही नहीं हैं तो क्या फायदा ऐसे पीएचसी का

Wed, 20 Jul 2022 09:39 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2022 09:39 PM IST
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Hathras: If there are no doctors and workers, then what is the use of such PHC
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर। संवाद - फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
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गांव मानिकपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्टाफ के साथ सुविधाओं की कमी से भी जूझ रहा है। इसकी इमारत के साथ इसके अंदर पैथोलॉजी लैब, लेबर भर्ती रूम और दवा कक्ष काफी अच्छे बने हैं। सरकार से दवाओं की उपलब्धता तो है, लेकिन एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं मिलती। यह पीएचसी एटा जिले की सीमा से सटे गांव में है। लिहाजा यहां एटा जिले के मरीज भी चिकित्सकीय परामर्श लेने आते हैं।
यहां दो के स्थान पर केवल एक ही चिकित्सक तैनात हैं। उन्हें भी अधिकांश समय के लिए सहपऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर बुला लिया जाता है। फार्मासिस्ट भी तैनात हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उनको भी फील्ड में बुला लिया जाता है।
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एक प्रयोगशाला सहायक तैनात हैं, लेकिन उनकी सेवाएं भी फिलहाल सहपऊ सीएचसी पर ली जा रही हैं। जाहिर है कि जब पीएचसी पर चिकित्सक और फार्मासिस्ट ही नहीं होंगे तो मरीजों को उपचार कैसे मिल पाएगा। रोजाना यहां से बड़ी संख्या में मरीज निराश होकर लौट जाते हैं।
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पीएचसी पर स्टाफ नर्स की तैनाती है, लेकिन वह भी सीएचसी सहपऊ पर कार्यरत हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं को पांच किमी दूर सहपऊ सीएचसी पर जाना पड़ता है। मरीजों की भर्ती के लिए बनाए गए सभी बेड हमेशा खाली ही रहते हैं। यहां आने वाले मरीजों को यहां केवल एक वार्ड बॉय ही मिलता है।
- जब कभी कोई छात्रा बीमार हो जाती है और उसे पीएचसी पर दिखाने लाने पर पता चलता है कि चिकित्सक सहपऊ सीएचसी पर मरीजों को देख रहे हैं, इसलिए मजबूर होकर अप्रशिक्षित चिकित्सक के पास जाना पड़ता है।
-पायल सिसौदिया, छात्रा
- गांव बेरनी से बच्ची को दिखाने आई हूं। मेरी किस्मत अच्छी है कि डॉक्टर साहब मिल गए। वैसे मैं सहपऊ जाने की तैयारी कर रही थी। ऐसे स्वास्थ्य केंद्र का क्या फायदा, जहां चिकित्सक ही नहीं हैं।
-नीलम देवी, गांव बेरनी जिला एटा
- अस्पताल में डॉक्टर साहब मिल गए तो तसल्ली हुई है। एटा जिले के गांव ल्यौचा से बच्चे का इलाज कराने यहां आया हूं। बच्चे के सिर में फोड़े हो गए हैं। उसकी दवा लेनी थी। दवा मिल गई है।
-शेर सिंह, ल्यौचा जिला एटा
- पीएचसी पर डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ भी कम है। जब अस्पताल में स्टाफ और डॉक्टर ही नहीं होंगे तो मरीज यहां आकर क्या करेगा। सरकार वैसे ही अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की डींग हांक रही है।

- महेश माही, मानिकपुर
- डॉक्टर और स्टाफ की कमी से पूरा विभाग जूझ रहा है। हमें जहां जाने का आदेश मिलता है, वहां जाना पड़ता है। वैसे इस पीएचसी पर आने वाले मरीज को सरकार एवं विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई अच्छी दवा दी जाती है, जिससे वह संतुष्ट होकर यहां से जाए। यही कारण है कि अन्य जिलों के मरीज भी यहां दवा लेने रोज आते हैं। - डॉ. यशवीर, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर
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