हाथरस: हाईटेंशन लाइन से झुलसे कबाड़ लाद रहे मजदूर, एक की मौत, एक की हालत गंभीर
ट्रक में कबाड़ लाद रहे तीन मजदूर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से झुलसे, खंदौली निवासी रामपाल की मौके पर मौत और राकेश-राजकुमार गंभीर घायल हुए। सरिया ऊपर खींचते समय हाईटेंशन लाइन से टकराया।
विस्तार
हाथरस शहर के इगलास रोड पर सोमवार की दोपहर कबाड़ की गाड़ी लाद रहे तीन मजदूर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। इनमें दो मजदूरों के शरीर फट गए। एक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दूसरे को गंभीर हालत में रेफर किया गया है। परिजनों ने गाड़ी मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मूल रूप से खंदौली (आगरा) निवासी रामपाल (40) पिछले 20 साल से हाथरस की कांशीराम टाउनशिप में पत्नी व बच्चों के साथ रह रहे थे। रुहेरी में उनकी ससुराल है। रामपाल इगलास अड्डा मधुगढ़ी स्थित एक कबाड़ व्यापारी के यहां मजदूरी पर काम करते थे। रोजाना की तरह वह अपने साथी राकेश (38) निवासी अमरपुर, जलेसर रोड के साथ काम पर गए थे। दोपहर करीब एक बजे रामपाल व राकेश ने प्रताप चौराहा के पास ट्रक में कबाड़ लोड किया। इस दौरान दोनों सामान के ऊपर खड़े हुए थे और सरिया चढ़ा रहे थे। सरिया ऊपर खींचते समय उनका ध्यान ऊपर से जा रही 11 हजार की लाइन पर नहीं गया। हाइटेंशन लाइन से सरिया छू जाने से जोरदार धमाका हुआ और दोनों ट्रक से नीचे आ गिरे।
नीचे खड़ा मजदूर राजकुमार निवासी मोहल्ला श्रीनगर सरिया पकड़ा रहा था, वह भी करंट की चपेट में आ गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोग मौके पर दौड़े। राकेश तड़प रहे थे, जबकि रामपाल अचेत थे। दोनों के चेहरे, पीठ, हाथ व पैर झुलस गए थे। लोगों ने छाती दबाकर रामपाल होश में लाने का प्रयास किया। लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। इमरजेंसी में रामपाल को मृत घोषित कर दिया गया। राजकुमार को असपताल में भर्ती किया गया। अस्पताल पहुंचे मृतक के ससुर अनिल कुमार ने गाड़ी मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर एसडीएम सदर व कोतवाली हाथरस गेट पुलिस मौके पर पहुंची।
ट्रक में कबाड़ लोड करते समय मजदूर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए, जिनमें से एक की मौत हो गई है। प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को नियमानुसार जो भी मदद होगी, वह प्रशासन की ओर से मुहैया कराई जाएगी।-राजबहादुर, एसडीएम सदर
परिवार की ओर से जो तहरीर मिलेगी, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ट्रक मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।-हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
पति की लंबी उम्र और परिवार की शांति के लिए रखा था व्रत
परिवार की सुख-शांति के लिए डौली ने सोमवार का व्रत रखा था। पति की लंबी उम्र की कामना की थी। पोस्टमार्टम हाउस पर पति रामपाल को याद कर बिलखतीं डॉली अपनी किस्मत को कोस रही थीं। उनका कहना था कि केवल पति ही जीने का सहारा थे, अब वे कैसे रहेंगी।
बदहवास डॉली को परिजनों ने संभालने का प्रयास किया, लेकिन कोई उनके दुख को कम नहीं कर सका। पास मौजूद दोनों बच्चे अपनी मां को रोता-बिलखता देख मायूस खड़े हुए थे। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मृत रामपाल अपने पीछे पत्नी व सात व नौ साल के दो मासूम बेटों को छोड़ गए हैं। डॉली के पिता अनिल कुमार निवासी रुहेरी ने बताया कि 20 साल पहले उनकी बेटी की शादी रामपाल से हुई थी। शादी के बाद से ही रामपाल हाथरस आ गए थे तथा यहां किराये पर रहने लगे। इसके बाद कांशीराम टाउनशिप के ब्लॉक सात में रहने लगे। पिता अनिल ने बताया कि उनकी बेटी व दामाद पर शुरू से परेशानियां हावी रहीं।
डॉली ने बताया कि शादी के बाद उनके बेटी हुई, जिसकी अचानक मौत हो गई थी। वे इस गम से उबरी ही थीं कि कुछ साल बाद घर में ही दीपक से जल गई थीं, जिसमे उनका एक हाथ बेकार हो गया था। शादी के काफी समय बाद दोनों बेटे हुए। रामपाल मेहनत-मजदूरी कर परिवार को पाल रहे थे और दोनों बच्चों को पढ़ा रहे थे, लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था। फिर से पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
तड़प रहे राकेश को संभालने में लगे छह लोग
गंभीर रूप से झुलसे राकेश की हालत गंभीर थी। जिस समय उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, वह तड़प रहे थे और स्ट्रेचर पर भी नहीं लेट पा रहे थे। उन्हें संभालने के लिए छह लोग लगे। कोई पैर पकड़ रहा था तो कोई हाथ। जैसे-तैसे स्टाफ ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। राकेश के पैर और बायां हाथ बुरी तरह झुलस गया था। पेट व पीठ पर भी जले के निशान थे। गंभीर हालत में परिजन उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले गए।
इमरजेंसी में बेहोश पड़े रहे राजू
तीसरे मजदूर राजकुमार उर्फ राजू हादसे के समय नीचे थे। उनके केवल हथेली पर हलके झुलसने के निशान थे। हादसे के करीब दो घंटे बाद उन्हें परिजन घबराहट की शिकायत पर इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती किया गया। इमरजेंसी में भर्ती राजू शाम तक बेहोशी की अवस्था में रहे। उनसे घटना की जानकारी करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे कुछ नहीं बोले।