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हाथरस : होम्योपैथी की तरफ सरकार का ध्यान, रोगियों का विश्वास बढ़ा
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हाथरस : हैनीमैन के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सक। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएमएआई) की हाथरस इकाई के बैनर तले होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. हैनीमेन का जन्म दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. हैनीमेन के छविचित्र पर माल्यार्पण से हुई। कार्यक्रम में चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सदस्य होम्यो काउंसिल डॉ. पंकज त्रिपाठी ने कहा कि होम्योपैथी की तरफ सरकार का भी ध्यान बढ़ा है और साथ ही रोगियों का विश्वास भी बढ़ा है। अब आवश्यकता है कि सभी चिकित्सक पूरी मेहनत से रोगियों को स्वस्थ करने में अपनी भूमिका अदा करें। आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को भी चिकित्सा के लिए मना न करें।
आगरा के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. पवन पारीक ने कहा कि आपात काल में होम्योपैथिक दवाओं का अच्छा परिणाम मिलता है। कई गंभीर बीमारियों के विषय में उन्होंने जानकारी दी। एचएमएआई कमेटी के चेयरमैन डॉ. यूएस गौड़, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक चौहान, डॉॅ. राजीव लोचन उपाध्याय ने भी विचार व्यक्त किए। सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने अपने कार्यकाल का लेखा जोखा प्रस्तुत किया और आगामी योजना भी बताईं।
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डॉ. राघवेंद्र मोहता को होम्योपैथी में योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2021 व राजीव लोचन उपाध्याय 2022 के लिए पुरस्कृत किया गया। साईं ट्रस्ट की तरफ से डॉ. राजीव लोचन द्वारा डॉ. सुरेश चंद्र वार्ष्णेय स्मृति पुरस्कार मुख्य अतिथि को दिया गया। डॉ. डीके गर्ग स्मृति पुरस्कार डॉ. पवन पारीक को दिया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. इंदु वार्ष्णेय ने भी होम्योपैथिक चिकत्सा पद्धति को जन मानस के लिए उपयोगी बताया। अंत में अध्यक्ष डॉ. रवि चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
संचालन डॉ. मुकेश चंद्रा ने किया। कार्यक्रम में डॉ. संदीप गहलोत, डॉ. कुणाल वार्ष्णेय, डॉ. केके करौलिया डॉ. रिचा, डॉ. आनंद माहौर, डॉ. रुचिकमल, डॉ. गोपाल ठेनुआं, डॉ. इंद्र वार्ष्णेय, डॉ. हर्ष गर्ग, डॉ. शशांक मोहता, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. ताराचंद अरोड़ा, डॉ. संजय कुमार शर्मा, डॉ. एचके शर्मा, डॉ. विनय, डॉ. योगेश गुप्ता, डॉ. प्रभात सिसौदिया आदि मौजूद थे।
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होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएमएआई) की हाथरस इकाई के बैनर तले होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. हैनीमेन का जन्म दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. हैनीमेन के छविचित्र पर माल्यार्पण से हुई। कार्यक्रम में चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सदस्य होम्यो काउंसिल डॉ. पंकज त्रिपाठी ने कहा कि होम्योपैथी की तरफ सरकार का भी ध्यान बढ़ा है और साथ ही रोगियों का विश्वास भी बढ़ा है। अब आवश्यकता है कि सभी चिकित्सक पूरी मेहनत से रोगियों को स्वस्थ करने में अपनी भूमिका अदा करें। आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को भी चिकित्सा के लिए मना न करें।
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आगरा के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. पवन पारीक ने कहा कि आपात काल में होम्योपैथिक दवाओं का अच्छा परिणाम मिलता है। कई गंभीर बीमारियों के विषय में उन्होंने जानकारी दी। एचएमएआई कमेटी के चेयरमैन डॉ. यूएस गौड़, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक चौहान, डॉॅ. राजीव लोचन उपाध्याय ने भी विचार व्यक्त किए। सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने अपने कार्यकाल का लेखा जोखा प्रस्तुत किया और आगामी योजना भी बताईं।
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डॉ. राघवेंद्र मोहता को होम्योपैथी में योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2021 व राजीव लोचन उपाध्याय 2022 के लिए पुरस्कृत किया गया। साईं ट्रस्ट की तरफ से डॉ. राजीव लोचन द्वारा डॉ. सुरेश चंद्र वार्ष्णेय स्मृति पुरस्कार मुख्य अतिथि को दिया गया। डॉ. डीके गर्ग स्मृति पुरस्कार डॉ. पवन पारीक को दिया गया। विशिष्ट अतिथि डॉ. इंदु वार्ष्णेय ने भी होम्योपैथिक चिकत्सा पद्धति को जन मानस के लिए उपयोगी बताया। अंत में अध्यक्ष डॉ. रवि चौधरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
संचालन डॉ. मुकेश चंद्रा ने किया। कार्यक्रम में डॉ. संदीप गहलोत, डॉ. कुणाल वार्ष्णेय, डॉ. केके करौलिया डॉ. रिचा, डॉ. आनंद माहौर, डॉ. रुचिकमल, डॉ. गोपाल ठेनुआं, डॉ. इंद्र वार्ष्णेय, डॉ. हर्ष गर्ग, डॉ. शशांक मोहता, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. ताराचंद अरोड़ा, डॉ. संजय कुमार शर्मा, डॉ. एचके शर्मा, डॉ. विनय, डॉ. योगेश गुप्ता, डॉ. प्रभात सिसौदिया आदि मौजूद थे।