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हाथरस : सरकार ने पिछले चार सालों में नहीं ली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुधि
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हाथरस : डीपीओ को ज्ञापन देतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे से आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन सरकार ने कोई भी मांग पूरी नहीं की है।
ज्ञापन में कहा है कि सरकार बनने के 120 दिन के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की समस्याओं पर कमेटी बनाकर मानदेय वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन सरकार ने पिछले चार सालों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कोई सुधि तक नहीं ली। पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। जब तक राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब तक 18,000 रुपये मानदेय दिया जाए।
पोषण ट्रैकर एप में सरकार अपनी सिम रिचार्ज करा कर दें तो हम काम करने को तैयार हैं अपनी सिम सरकार को नहीं देंगे। 62 वर्ष पर निकाली गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को एकमुश्त पांच लाख और पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के रूप में दी जाए। माह नवंबर एवं दिसंबर 2017 में धरने में काटा गया मानदेय भी दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिया जाने वाला पोषाहार स्वयं सहायता समूह से अलग किया जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मीना कुमारी, उपाध्यक्ष अंजू जैन, नीलम कुमारी, शिवाली सिंह, सुनीता शर्मा, प्रेमलता अंजू उपाध्याय, हर प्यारी विमलेश, हंसा देवी, मीनाक्षी, कमलेश, सुमन शर्मा, रजनीवाला आदि मौजूद थीं। संवाद
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे से आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन सरकार ने कोई भी मांग पूरी नहीं की है।
ज्ञापन में कहा है कि सरकार बनने के 120 दिन के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की समस्याओं पर कमेटी बनाकर मानदेय वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन सरकार ने पिछले चार सालों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कोई सुधि तक नहीं ली। पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। जब तक राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब तक 18,000 रुपये मानदेय दिया जाए।
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पोषण ट्रैकर एप में सरकार अपनी सिम रिचार्ज करा कर दें तो हम काम करने को तैयार हैं अपनी सिम सरकार को नहीं देंगे। 62 वर्ष पर निकाली गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को एकमुश्त पांच लाख और पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के रूप में दी जाए। माह नवंबर एवं दिसंबर 2017 में धरने में काटा गया मानदेय भी दिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिया जाने वाला पोषाहार स्वयं सहायता समूह से अलग किया जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मीना कुमारी, उपाध्यक्ष अंजू जैन, नीलम कुमारी, शिवाली सिंह, सुनीता शर्मा, प्रेमलता अंजू उपाध्याय, हर प्यारी विमलेश, हंसा देवी, मीनाक्षी, कमलेश, सुमन शर्मा, रजनीवाला आदि मौजूद थीं। संवाद
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