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हाथरस : नर्मदा से लाकर विराजे गए गोपेश्वर महादेव
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हाथरस : गोपेश्वर महादेव मंदिर। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रस की नगरी कहे जाने वाले इस शहर में हर छोर पर भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। शहर में कई शिवालय ऐसे हैं जहां हर रोज सुबह व रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। बम बम भोले व हर हर महादेव की गूंज रहती है। भक्त भोलेनाथ के दरबार में हाजिरी लगाकर उनकी एक झलक पाकर खुद को निहाल महसूस करते हैं। सैकड़ों वर्षों से यह शिवालय शहरवासियों की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। इनमें से एक गोपेश्वर नाथ महादेव भी हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां शिवलिंग को नर्मदा से लाया गया था।
गोपेश्वर महादेव मंदिर बागला मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित हैं। गोपेश्वर महादेव के बारे में मान्यता है कि इनकी स्थापना सौ वर्ष पहले हुई थी। हर रोज यहां काफी संख्या में भक्त उमड़ते हैं। वर्ष में कई खास कार्यक्रमों का आयोजन होता है। लोगों की मान्यता है कि जो भक्त लगातार 21 सोमवार तक महादेव का दुग्धाभिषेक करता है।
उनकी बड़ी बड़ी मनोकामना पूरी होती हैं। इसलिए हर सोमवार को भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रहती है। पुजारी प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि गोपेश्वरनाथ महादेव की शिवलिंग को नर्मदा नदी से लाया गया था। वर्षों से यह मंदिर लोगों का आस्था का केंद्र बना हुआ है। संवाद
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रस की नगरी कहे जाने वाले इस शहर में हर छोर पर भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। शहर में कई शिवालय ऐसे हैं जहां हर रोज सुबह व रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। बम बम भोले व हर हर महादेव की गूंज रहती है। भक्त भोलेनाथ के दरबार में हाजिरी लगाकर उनकी एक झलक पाकर खुद को निहाल महसूस करते हैं। सैकड़ों वर्षों से यह शिवालय शहरवासियों की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। इनमें से एक गोपेश्वर नाथ महादेव भी हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां शिवलिंग को नर्मदा से लाया गया था।
गोपेश्वर महादेव मंदिर बागला मार्ग पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित हैं। गोपेश्वर महादेव के बारे में मान्यता है कि इनकी स्थापना सौ वर्ष पहले हुई थी। हर रोज यहां काफी संख्या में भक्त उमड़ते हैं। वर्ष में कई खास कार्यक्रमों का आयोजन होता है। लोगों की मान्यता है कि जो भक्त लगातार 21 सोमवार तक महादेव का दुग्धाभिषेक करता है।
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उनकी बड़ी बड़ी मनोकामना पूरी होती हैं। इसलिए हर सोमवार को भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रहती है। पुजारी प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि गोपेश्वरनाथ महादेव की शिवलिंग को नर्मदा नदी से लाया गया था। वर्षों से यह मंदिर लोगों का आस्था का केंद्र बना हुआ है। संवाद
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