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हाथरस : 80 युद्ध लड़े, लेकिन कभी पराजित नहीं हुए महाराजा सूरजमल
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महाराजा सूरजमल की जयंती पर उनके छविचित्र पर माल्यार्पण करते जाट समाज के लोग। संवाद
- फोटो : SADABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
चौधरी चरण सिंह विचार मंच के बैनर तले जाट समाज के लोगों ने हाथरस रोड स्थित मुरली गार्डन में वीर अमर शिरोमणि महाराज सूरजमल का बलिदान दिवस मनाया। लोगों ने उनके छविचित्र पर माल्यार्पण करते हुए भारतीय इतिहास में उनके अमूल्य योगदान और बलिदान का स्मरण किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि महाराजा सूरजमल केवल जाट समाज के महानायक नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितैषी और आदर्श थे। वह गरीब, कमजोर और जुल्म के खिलाफ लड़ाइयां लड़ते-लड़ते शहीद हुए। उन्होंने 80 युद्ध लड़े, लेकिन वह कभी पराजित नहीं हुए। उनकी बहादुरी की मिसाल इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
ऐसा गौरवपूर्ण इतिहास शायद ही किसी और राजा का रहा होगा। वह एक योद्घा के साथ साथ दूरदर्शी और वैज्ञानिक भी थे। इस मौके पर वक्ताओं ने जाट समाज से एक जुट रहने का आह्वान भी किया। मौके पर सरनाम सिंह, श्याम वीर सिंह फौजदार, चंद्रेश चौधरी, रविंद्र चौधरी, चौधरी सचिन पचहरा, हरिशंकर फौजी, रणवीर सिंह, फौजी रामसरण सिंह, मास्टर देवेंद्र सिंह, रेशम सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि थे।
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चौधरी चरण सिंह विचार मंच के बैनर तले जाट समाज के लोगों ने हाथरस रोड स्थित मुरली गार्डन में वीर अमर शिरोमणि महाराज सूरजमल का बलिदान दिवस मनाया। लोगों ने उनके छविचित्र पर माल्यार्पण करते हुए भारतीय इतिहास में उनके अमूल्य योगदान और बलिदान का स्मरण किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि महाराजा सूरजमल केवल जाट समाज के महानायक नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितैषी और आदर्श थे। वह गरीब, कमजोर और जुल्म के खिलाफ लड़ाइयां लड़ते-लड़ते शहीद हुए। उन्होंने 80 युद्ध लड़े, लेकिन वह कभी पराजित नहीं हुए। उनकी बहादुरी की मिसाल इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
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ऐसा गौरवपूर्ण इतिहास शायद ही किसी और राजा का रहा होगा। वह एक योद्घा के साथ साथ दूरदर्शी और वैज्ञानिक भी थे। इस मौके पर वक्ताओं ने जाट समाज से एक जुट रहने का आह्वान भी किया। मौके पर सरनाम सिंह, श्याम वीर सिंह फौजदार, चंद्रेश चौधरी, रविंद्र चौधरी, चौधरी सचिन पचहरा, हरिशंकर फौजी, रणवीर सिंह, फौजी रामसरण सिंह, मास्टर देवेंद्र सिंह, रेशम सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि थे।
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