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हाथरस : पूर्व मंत्री के निजी सचिव की हो गिरफ्तारी
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हाथरस : गांव दर्शना के एक पक्ष के लोग कुछ भाजपा नेताओं के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
गांव दर्शना में दो पक्षों में हुए विवाद में सियासी संग्राम तेज हो गया है। मंगलवार को गांव दर्शना के एक पक्ष के लोगों ने कुछ भाजपा नेताओं के साथ पत्रकार वार्ता की और पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के निजी सचिव की गिरफ्तारी के साथ-साथ संगीन धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की।
गांव दर्शना निवासी सोमेश कुमार ने कहा कि दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा उसके परिवार के साथ 31 दिसंबर को उसके घर में घुसकर उसके परिवार के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके परिवार के सभी लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। इस मामले में मुरसान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दूसरे पक्ष के लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन तक आरोपियों का चालान नहीं किया। इस बारे में चौकी इंचार्ज संजय राघव ने हमें बताया कि बसपा के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का उनके ऊपर दबाव है कि फैसला करा दो।
उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने दो जनवरी को उनके आवास पर आकर दबाव बनाया कि इस प्रकरण में फैसला कर लो। हमारे द्वारा न्याय की गुहार लगाई गई तो उनके निजी सचिव रानू पंडित ने अभद्रता करते हुए उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस मामले में तीन जनवरी को मुरसान थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। तीन जनवरी को दो दर्जन लोग उनके घर पर आए। पूर्व ऊर्जामंत्री को फोन मिलाकर उनके कान पर रख दिया। उन पर रानू पंडित के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने उसी समय में भाजपा के मुरसान मंडल अध्यक्ष हंबीर सिंह को अवगत कराया। भाजपा के पदाधिकारी उनकी मदद के लिए पहुंचे। सोमेश कुमार ने पूर्व ऊर्जामंत्री के निजी सचिव की गिरफ्तारी व दोषियों पर संगीन धाराओं में कार्रवाई की मांग की। उसका आरोप है कि आगरा में उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी गायब करा दी गई है।
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रसूखदार नेता को दी अपने सामने चुनाव लड़ने की चुनौती
हाथरस। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा नेता उमाशंकर शर्मा लार्ड ने कहा जो खुद को रसूखदार नेता बता रहे हैं, वह उनके सामने निर्दलीय चुनाव लड़ लें। यदि यह रसूखदार नेता जीत गए तो वह अपनी मूंछ कटवा लेंगे। उन्होंने कहा कि यह रसूखदार नेता बिना सुरक्षा गार्ड के शहर के घंटाघर तक नहीं जा सकते। रसूखदारों को प्लेटफार्म देने वाला हमारा ही परिवार है। इस दौरान भाजपा नेता डॉ. अविन शर्मा, भाजपा के जिला महामंत्री हरीशंकर राना, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चौ. चंद्रवीर सिंह, रामवीर सिंह भैयाजी, सुनीता वर्मा, संजय शर्मा, हंबीर सिंह, अनुज चौधरी, विपिन लवानिया, सौरभ शर्मा, राजकुमार प्रधान, चौ गिर्राज सिंह, धीरज पांडेय, दीपू पंडित, गौरीशंकर उपाध्याय, रामवीर शर्मा, तपन जौहर, जयशंकर शर्मा, अरविंद ठाकुर, रजत अग्रवाल, मुरारी शर्मा, ज्ञानप्रकाश शर्मा, अजय उपाध्याय, भुवनेश शर्मा, रामनाथ शर्मा आदि थे। संवाद
यह है मामला
हाथरस। मुरसान क्षेत्र के गांव दर्शना में करीब एक सप्ताह पहले अलग-अलग समुदाय के दो पक्षों में आपस में झगड़ा हो गया था। इसमें महेश कौशिक, सोमेश व उनके एक भाई के अलावा उनकी मां भी घायल हो गई थी। इसमें दूसरे पक्ष के तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और वहां गारद भी तैनात कर दी गई थी। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब दो दिन पहले पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय गांव दर्शना गए। उनके सामने हंगामा खड़ा हो गया था। महेश कौशिक के भाई ने रामवीर के सामने खुद को आग लगा ली थी। रामवीर वहां से चले आए थे। महेश कौशिक का आरोप था कि पूर्व मंत्री इस मामले में समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। महेश के भाई सोमेश ने इस मामले में पूर्व मंत्री के निजी सचिव रानू पंडित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। तब से रामवीर और उनके विरोधी इस प्रकरण को लेकर आमने-सामने आ गए हैं।
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गांव दर्शना में दो पक्षों में हुए विवाद में सियासी संग्राम तेज हो गया है। मंगलवार को गांव दर्शना के एक पक्ष के लोगों ने कुछ भाजपा नेताओं के साथ पत्रकार वार्ता की और पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के निजी सचिव की गिरफ्तारी के साथ-साथ संगीन धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की।
गांव दर्शना निवासी सोमेश कुमार ने कहा कि दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा उसके परिवार के साथ 31 दिसंबर को उसके घर में घुसकर उसके परिवार के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके परिवार के सभी लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। इस मामले में मुरसान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दूसरे पक्ष के लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन तक आरोपियों का चालान नहीं किया। इस बारे में चौकी इंचार्ज संजय राघव ने हमें बताया कि बसपा के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का उनके ऊपर दबाव है कि फैसला करा दो।
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उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने दो जनवरी को उनके आवास पर आकर दबाव बनाया कि इस प्रकरण में फैसला कर लो। हमारे द्वारा न्याय की गुहार लगाई गई तो उनके निजी सचिव रानू पंडित ने अभद्रता करते हुए उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इस मामले में तीन जनवरी को मुरसान थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। तीन जनवरी को दो दर्जन लोग उनके घर पर आए। पूर्व ऊर्जामंत्री को फोन मिलाकर उनके कान पर रख दिया। उन पर रानू पंडित के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने उसी समय में भाजपा के मुरसान मंडल अध्यक्ष हंबीर सिंह को अवगत कराया। भाजपा के पदाधिकारी उनकी मदद के लिए पहुंचे। सोमेश कुमार ने पूर्व ऊर्जामंत्री के निजी सचिव की गिरफ्तारी व दोषियों पर संगीन धाराओं में कार्रवाई की मांग की। उसका आरोप है कि आगरा में उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी गायब करा दी गई है।
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रसूखदार नेता को दी अपने सामने चुनाव लड़ने की चुनौती
हाथरस। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा नेता उमाशंकर शर्मा लार्ड ने कहा जो खुद को रसूखदार नेता बता रहे हैं, वह उनके सामने निर्दलीय चुनाव लड़ लें। यदि यह रसूखदार नेता जीत गए तो वह अपनी मूंछ कटवा लेंगे। उन्होंने कहा कि यह रसूखदार नेता बिना सुरक्षा गार्ड के शहर के घंटाघर तक नहीं जा सकते। रसूखदारों को प्लेटफार्म देने वाला हमारा ही परिवार है। इस दौरान भाजपा नेता डॉ. अविन शर्मा, भाजपा के जिला महामंत्री हरीशंकर राना, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चौ. चंद्रवीर सिंह, रामवीर सिंह भैयाजी, सुनीता वर्मा, संजय शर्मा, हंबीर सिंह, अनुज चौधरी, विपिन लवानिया, सौरभ शर्मा, राजकुमार प्रधान, चौ गिर्राज सिंह, धीरज पांडेय, दीपू पंडित, गौरीशंकर उपाध्याय, रामवीर शर्मा, तपन जौहर, जयशंकर शर्मा, अरविंद ठाकुर, रजत अग्रवाल, मुरारी शर्मा, ज्ञानप्रकाश शर्मा, अजय उपाध्याय, भुवनेश शर्मा, रामनाथ शर्मा आदि थे। संवाद
यह है मामला
हाथरस। मुरसान क्षेत्र के गांव दर्शना में करीब एक सप्ताह पहले अलग-अलग समुदाय के दो पक्षों में आपस में झगड़ा हो गया था। इसमें महेश कौशिक, सोमेश व उनके एक भाई के अलावा उनकी मां भी घायल हो गई थी। इसमें दूसरे पक्ष के तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और वहां गारद भी तैनात कर दी गई थी। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब दो दिन पहले पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय गांव दर्शना गए। उनके सामने हंगामा खड़ा हो गया था। महेश कौशिक के भाई ने रामवीर के सामने खुद को आग लगा ली थी। रामवीर वहां से चले आए थे। महेश कौशिक का आरोप था कि पूर्व मंत्री इस मामले में समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। महेश के भाई सोमेश ने इस मामले में पूर्व मंत्री के निजी सचिव रानू पंडित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। तब से रामवीर और उनके विरोधी इस प्रकरण को लेकर आमने-सामने आ गए हैं।