हाथरस: महिलाओं में बढ़ा मोटापा-डायबिटीज का खतरा, एनएफएचएस-6 रिपोर्ट में चिंताजनक आंकड़े
एक ओर महिलाएं मोटापे का शिकार हो रही हैं वहीं महिलाओं में एक वर्ग ऐसा भी है जो कुपोषण से पीड़ित है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सामान्य से कम वजन वाली महिलाओं का आंकड़ा भी बढ़ा है। पिछले सर्वे में यह 15.9 फीसदी था जो नई रिपोर्ट में बढ़कर 18.3 फीसदी हो गया है।
विस्तार
राष्ट्रीय कुटुंब स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2023-24 (एनएफएचएस-6) की नवीनतम रिपोर्ट में हाथरस जिले की महिलाओं के सेहत को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। वर्ष 2019-21 (एनएफएचएस-5) की तुलना में नए आंकड़ों में महिलाओं में मोटापे और डायबिटीज की समस्या में खासी वृद्धि देखी गई है।
चिकित्सकों के अनुसार, खान-पान की अनदेखी और खराब जीवनशैली के कारण महिलाओं में रोग बढ़ रहा है। इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में मोटापे के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। जिले में 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में मोटापे की दर पिछले सर्वेक्षण में 23.8 फीसदी थी जो अब बढ़कर अब 28.5 फीसदी तक पहुंच गई है।
इस तरह ब्लड शुगर यानी डायबिटीज के मामले में पुरुषों और महिलाओं, दोनों की स्थिति खराब हुई है। उच्च शुगर या इसकी दवा लेने वाले पुरुषों का प्रतिशत 10.9 फीसदी से बढ़कर 13.6 फीसदी हो गया है। वहीं, महिलाओं में यह आंकड़ा 7.6 फीसदी से बढ़कर 11.7 फीसदी पर पहुंच गया है। इस तरह महिलाओं में करीब चार फीसदी की वृद्धि हुई है।
जिले में डायबिटीज और मोटापे के बढ़ते आंकड़ों पर काबू पाने के लिए खान-पान में सुधार और नियमित शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। वहीं, हाई बीपी में आई कमी यह दर्शाती है कि जिले में स्वास्थ्य जागरूकता और प्राथमिक उपचार के प्रति लोग अब पहले से अधिक सजग हो रहे हैं।-डॉ. सूर्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
महिलाओं में कुपोषण के मामले भी बढ़े
एक ओर महिलाएं मोटापे का शिकार हो रही हैं वहीं महिलाओं में एक वर्ग ऐसा भी है जो कुपोषण से पीड़ित है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सामान्य से कम वजन वाली महिलाओं का आंकड़ा भी बढ़ा है। पिछले सर्वे में यह 15.9 फीसदी था जो नई रिपोर्ट में बढ़कर 18.3 फीसदी हो गया है।
हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मामलों में आई कमी
सर्वेक्षण में सिर्फ एक पक्ष राहत भरा है। जिले के पुरुषों और महिलाओं, दोनों में हाई ब्लड प्रेशर (हााइपरटेंशन) के मामलों में सुधार देखा गया है। एलीवेटेड ब्लड प्रेशर वाले पुरुषों का प्रतिशत 26.4 फीसदी से गिरकर 19.4 फीसदी रह गया है। महिलाओं में यह गिरावट और भी अधिक है। एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 22.4 फीसदी था जो नई रिपोर्ट में घटकर 15.2 फीसदी पर आ गया है।
मोटापा और डायबिटीज से बचाती हैं ये आदतें
- संतुलित आहार : अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल, दालें, अंकुरित और साबुत अनाज शामिल करें। मीठे और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
- पर्याप्त पानी का सेवन : दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। मीठे पेय पदार्थों की जगह नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी लें।
- नियमित व्यायाम : रोजाना कम से कम 30-45 मिनट मध्यम गति से टहलें, साइकिल चलाएं, तैराकी करें या योग करें।
- अच्छी नींद लें : रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है। नींद की कमी से वजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ता है। तनाव कम करें।
- धूम्रपान और शराब से बचें : सिगरेट और अत्यधिक शराब का सेवन इंसुलिन की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है।
सर्वेक्षण की खास बातें
- 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में मोटापे की दर पिछले सर्वेक्षण के 23.8 फीसदी थी जो अब बढ़कर 28.5 फीसदी तक पहुंची।
- डायबिटीज का आंकड़ा 7.6 फीसदी से बढ़कर 11.7 फीसदी तक जा पहुंचा है।
- एलीवेटेड ब्लड प्रेशर के मामले पहले 22.4 फीसदी थे जो अब घटकर 15.2 फीसदी पर आ गए हैं।