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हाथरस : पहली बार रमेशचंद्र आर्य ने भाजपा की झोली में डाला था नगर पालिकाध्यक्ष का पद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर आम मतदाता ने ज्यादातर भाजपा पर ही विश्वास जताया है। जब से आम मतदाता द्वारा अध्यक्ष पद का चुनाव होने लगा। तब से दो चुनावों को छोड़ दें तो हाथरस की जनता ने भाजपा को ही वरीयता दी। भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रमेशचंद्र आर्य पहली बार भाजपा के चिह्न पर चुनाव लड़कर नगर पालिकाध्यक्ष बने।
वर्ष 1988 से आम मतदाता द्वारा नगर पालिकाध्यक्ष का चुनाव होना शुरू हुआ। इससे पहले पालिका के अध्यक्ष को नगर पालिका के सदस्य चुनते थे। वर्ष 1988 में सेठ गोपाल प्रसाद सेकसरिया अध्यक्ष चुने गए। वह निर्दलीय चुनाव जीते और उन्होंने भाजपा के रमेशचंद्र आर्य को पराजित किया। हालांकि सेकसरिया अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और उनका निधन हो गया।
इसके उपरांत वर्ष 1992 में जब चुनाव हुआ तब रमेशचंद्र आर्य भाजपा से चुनाव जीते। उन्होंने लक्ष्मीनारायण शर्मा को परास्त किया। ऐसे में रमेशचंद्र आर्य ने पहली बार हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद पर भाजपा को विजय दिलाई। रमेशचंद्र आर्य भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। उसके बाद भाजपा का इस चुनाव में दबदबा कायम रहा। आर्य के बाद वर्ष 1995 में रेवती प्रसाद माहौर भी भाजपा से ही अध्यक्ष पद का चुनाव जीते।
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तदुपरांत वर्ष 2000 में लक्ष्मीनारायण भारती ने यह चुनाव भाजपा टिकट पर ही जीता। वर्ष 2006 में जरूर भाजपा से यह सीट छिन गई। तब बसपा समर्थित अगम प्रिय सत्संगी को जनता ने अध्यक्ष चुन दिया। हालांकि इसके बाद वर्ष 2012 में डौली माहौर भाजपा से अध्यक्ष चुनी गईं और फिर वर्ष 2017 में आशीष शर्मा भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। संवाद
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हाथरस नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर आम मतदाता ने ज्यादातर भाजपा पर ही विश्वास जताया है। जब से आम मतदाता द्वारा अध्यक्ष पद का चुनाव होने लगा। तब से दो चुनावों को छोड़ दें तो हाथरस की जनता ने भाजपा को ही वरीयता दी। भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रमेशचंद्र आर्य पहली बार भाजपा के चिह्न पर चुनाव लड़कर नगर पालिकाध्यक्ष बने।
वर्ष 1988 से आम मतदाता द्वारा नगर पालिकाध्यक्ष का चुनाव होना शुरू हुआ। इससे पहले पालिका के अध्यक्ष को नगर पालिका के सदस्य चुनते थे। वर्ष 1988 में सेठ गोपाल प्रसाद सेकसरिया अध्यक्ष चुने गए। वह निर्दलीय चुनाव जीते और उन्होंने भाजपा के रमेशचंद्र आर्य को पराजित किया। हालांकि सेकसरिया अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और उनका निधन हो गया।
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इसके उपरांत वर्ष 1992 में जब चुनाव हुआ तब रमेशचंद्र आर्य भाजपा से चुनाव जीते। उन्होंने लक्ष्मीनारायण शर्मा को परास्त किया। ऐसे में रमेशचंद्र आर्य ने पहली बार हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद पर भाजपा को विजय दिलाई। रमेशचंद्र आर्य भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। उसके बाद भाजपा का इस चुनाव में दबदबा कायम रहा। आर्य के बाद वर्ष 1995 में रेवती प्रसाद माहौर भी भाजपा से ही अध्यक्ष पद का चुनाव जीते।
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तदुपरांत वर्ष 2000 में लक्ष्मीनारायण भारती ने यह चुनाव भाजपा टिकट पर ही जीता। वर्ष 2006 में जरूर भाजपा से यह सीट छिन गई। तब बसपा समर्थित अगम प्रिय सत्संगी को जनता ने अध्यक्ष चुन दिया। हालांकि इसके बाद वर्ष 2012 में डौली माहौर भाजपा से अध्यक्ष चुनी गईं और फिर वर्ष 2017 में आशीष शर्मा भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। संवाद