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हाथरस : बुखार का कहर... सहपऊ में पांच और की मौत
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कानिका का फाइल फोटो।
- फोटो : SHAPHU
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संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
सहपऊ क्षेत्र में बुखार का प्रकोप रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पांच लोगों की बुखार से मौत हो गई। बुधवार को भी क्षेत्र के गांव बुढ़ाइच में एक अबोध बच्ची व एक महिला के अलावा गांव फतेहउल्लापुर में बीस वर्षीय युवक एवं गांव नगला मनी में पैंतालीस वर्षीय महिला की मौत हुई थी। क्षेत्र में एक महीने के अंदर 20 लोगों की जान बुखार की वजह से जा चुकी है। लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को मानिकपुर में छह वर्षीय कनिका चौधरी पुत्री मनोज कुमार, गांव थरौरा में 28 वर्षीय कमलेश पत्नी सीटू यादव, रसगवां निवासी 44 वर्षीय विजय कुमार चौहान, 45 वर्षीय सरोज देवी पत्नी पूरन सिंह, 65 वर्षीय शारदा देवी पत्नी अजीत सिंह की बुखार से मौत हो गई। रसगवां निवासी विजय कुमार का इलाज पहले खंदौली में हुआ। वहां से उसे आगर भेज दिया गया।
आगरा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शारदा देवी का इलाज अलीगढ़ में चल रहा था। इलाज के दौरान वहां उनकी मौत हो गई। सरोज देवी का इलाज भी आगरा में चल रहा था जहां उनकी मौत हो गई। गांव, थरौरा निवास कमलेश देवी का भी इलाज आगरा में चल रहा था जहां उनकी मौत हो गई। जबकि कनिका चौधरी की इलाज के लिए आगरा ले जाते समय मौत हो गई। सभी को तीन-चार दिन से बुखार आ रहे थे।
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बता दें कि रसगवां में इससे पहले भी तीन लोगों की बुखार से मौत हो चुुकी है। इधर स्वास्थ्य विभाग की रोज-रोज छापामारी करने पर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बुखार से अधिकांश लोगों की मौत इलाज के दौरान ही आगरा में हुई है तो आखिर फिर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग छापामारी क्यों कर रहा है? इससे बीमार लोगों की परेशानी ही बढ़ रही है।
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सहपऊ क्षेत्र में बुखार का प्रकोप रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पांच लोगों की बुखार से मौत हो गई। बुधवार को भी क्षेत्र के गांव बुढ़ाइच में एक अबोध बच्ची व एक महिला के अलावा गांव फतेहउल्लापुर में बीस वर्षीय युवक एवं गांव नगला मनी में पैंतालीस वर्षीय महिला की मौत हुई थी। क्षेत्र में एक महीने के अंदर 20 लोगों की जान बुखार की वजह से जा चुकी है। लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को मानिकपुर में छह वर्षीय कनिका चौधरी पुत्री मनोज कुमार, गांव थरौरा में 28 वर्षीय कमलेश पत्नी सीटू यादव, रसगवां निवासी 44 वर्षीय विजय कुमार चौहान, 45 वर्षीय सरोज देवी पत्नी पूरन सिंह, 65 वर्षीय शारदा देवी पत्नी अजीत सिंह की बुखार से मौत हो गई। रसगवां निवासी विजय कुमार का इलाज पहले खंदौली में हुआ। वहां से उसे आगर भेज दिया गया।
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आगरा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शारदा देवी का इलाज अलीगढ़ में चल रहा था। इलाज के दौरान वहां उनकी मौत हो गई। सरोज देवी का इलाज भी आगरा में चल रहा था जहां उनकी मौत हो गई। गांव, थरौरा निवास कमलेश देवी का भी इलाज आगरा में चल रहा था जहां उनकी मौत हो गई। जबकि कनिका चौधरी की इलाज के लिए आगरा ले जाते समय मौत हो गई। सभी को तीन-चार दिन से बुखार आ रहे थे।
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बता दें कि रसगवां में इससे पहले भी तीन लोगों की बुखार से मौत हो चुुकी है। इधर स्वास्थ्य विभाग की रोज-रोज छापामारी करने पर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बुखार से अधिकांश लोगों की मौत इलाज के दौरान ही आगरा में हुई है तो आखिर फिर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग छापामारी क्यों कर रहा है? इससे बीमार लोगों की परेशानी ही बढ़ रही है।

शारदा देवी का फाइल फोटो। - फोटो : SHAPHU

विजय कुमार चौहान का फाइल फोटो। - फोटो : SHAPHU

मृतका सरोज देवी का फाइल फोटो। - फोटो : SHAPHU