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हाथरस : फसल का निर्यात कर मालामाल होंगे किसान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के किसान फसल का निर्यात कर मालामाल होंगे। क्लस्टर योजना के तहत फसल का निर्यात करने पर किसानों को 10 से 22 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि सरकार देगी। इसके लिए जिले में जल्द निगरानी समिति का गठन होगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में प्रसंस्करण की कोई इकाई नहीं है। हाथरस जिले में आलू, धान, अमरूद की फसलों का उत्पादन होता है। अब शासन स्तर से जहां जिस फसल का ज्यादा उत्पादन होगा, उसे क्लस्टर योजना में शामिल किया जाएगा। इससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी। प्रदेश स्तरीय निर्यात निगरानी समिति में तीस सदस्य होंगे। इसमें आठ विभाग केंद्र व 17 विभाग राज्य का सहयोग करेंगे। जिसमें कृषि उद्यान, मंडी के अलावा दो निर्यातक किसान, दो अन्य किसान शामिल रहेंगे।
पचास हेक्टेयर भूमि पर फसल उगाने के साथ तीस प्रतिशत निर्यात पर छह लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। पचास हेक्टेयर भूमि पर 100 किसान क्लस्टर योजना के तहत फसल उगाएंगे और उसका तीस प्रतिशत निर्यात करेंगे, तो उन्हें दस लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। 100-150 हेक्टेयर भूमि पर फसल उगाने पर 16 लाख रुपये, 150-200 हेक्टेयर भूमि पर फसल उगाने पर 22 लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। संवाद
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- क्लस्टर योजना के तहत फसल उगाने व तीस प्रतिशत निर्यात करने वाले किसानों को शासन स्तर से तीस प्रतिशत का प्रोत्साहन दिया जाएगा। जल्द निर्यात निगरानी समिति का गठन किया जाएगा, ताकि किसानों को फसलों का अच्छा मूल्य मिल सके। - यशपाल सिंह, मंडी सचिव
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जिले के किसान फसल का निर्यात कर मालामाल होंगे। क्लस्टर योजना के तहत फसल का निर्यात करने पर किसानों को 10 से 22 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि सरकार देगी। इसके लिए जिले में जल्द निगरानी समिति का गठन होगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में प्रसंस्करण की कोई इकाई नहीं है। हाथरस जिले में आलू, धान, अमरूद की फसलों का उत्पादन होता है। अब शासन स्तर से जहां जिस फसल का ज्यादा उत्पादन होगा, उसे क्लस्टर योजना में शामिल किया जाएगा। इससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी। प्रदेश स्तरीय निर्यात निगरानी समिति में तीस सदस्य होंगे। इसमें आठ विभाग केंद्र व 17 विभाग राज्य का सहयोग करेंगे। जिसमें कृषि उद्यान, मंडी के अलावा दो निर्यातक किसान, दो अन्य किसान शामिल रहेंगे।
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पचास हेक्टेयर भूमि पर फसल उगाने के साथ तीस प्रतिशत निर्यात पर छह लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। पचास हेक्टेयर भूमि पर 100 किसान क्लस्टर योजना के तहत फसल उगाएंगे और उसका तीस प्रतिशत निर्यात करेंगे, तो उन्हें दस लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। 100-150 हेक्टेयर भूमि पर फसल उगाने पर 16 लाख रुपये, 150-200 हेक्टेयर भूमि पर फसल उगाने पर 22 लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। संवाद
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- क्लस्टर योजना के तहत फसल उगाने व तीस प्रतिशत निर्यात करने वाले किसानों को शासन स्तर से तीस प्रतिशत का प्रोत्साहन दिया जाएगा। जल्द निर्यात निगरानी समिति का गठन किया जाएगा, ताकि किसानों को फसलों का अच्छा मूल्य मिल सके। - यशपाल सिंह, मंडी सचिव