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हाथरस : मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर किसानों ने दिया धरना
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हाथरस : कलेक्ट्रेट पर धरना देते भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपा गया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार की कई योजनाएं चलाई गई हैं, लेकिन मुख्य विषय जो किसानों में अशांति का कारण है, वह है किसानों को उनकी उपज का लागत आधारित लाभकारी मूल्य नहीं मिलना। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने के बावजूद मंडियों में किसानों की उपज उससे कम मूल्य में निकली है। किसान तो अन्न पैदा करता है, लेकिन अनाज आपूर्तिकर्ता उनकी उपज का लाभ लेकर फल फूल रहे हैं, लेकिन किसान करीब से और गरीब होता रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि देश के सभी वैज्ञानिक संस्थान केवल उत्पादन बढ़ाने पर तो जोर दे रहे हैं, लेकिन किसान की आय बढ़ाने या लागत घटाने पर कार्य नहीं किया जा रहा है। यदि 10 दिन में कोई आमंत्रण सूचना प्राप्त नहीं हुई तो किसान सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। यहां पर पीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर राधाचरन, अनिल कुमार, प्रवीण कुमार, शर्मीला देवी, प्रेमलता, मधु उपाध्याय, विकास ठाकुर, जितेंद्र कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद थे। संवाद
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भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपा गया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार की कई योजनाएं चलाई गई हैं, लेकिन मुख्य विषय जो किसानों में अशांति का कारण है, वह है किसानों को उनकी उपज का लागत आधारित लाभकारी मूल्य नहीं मिलना। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने के बावजूद मंडियों में किसानों की उपज उससे कम मूल्य में निकली है। किसान तो अन्न पैदा करता है, लेकिन अनाज आपूर्तिकर्ता उनकी उपज का लाभ लेकर फल फूल रहे हैं, लेकिन किसान करीब से और गरीब होता रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि देश के सभी वैज्ञानिक संस्थान केवल उत्पादन बढ़ाने पर तो जोर दे रहे हैं, लेकिन किसान की आय बढ़ाने या लागत घटाने पर कार्य नहीं किया जा रहा है। यदि 10 दिन में कोई आमंत्रण सूचना प्राप्त नहीं हुई तो किसान सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। यहां पर पीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर राधाचरन, अनिल कुमार, प्रवीण कुमार, शर्मीला देवी, प्रेमलता, मधु उपाध्याय, विकास ठाकुर, जितेंद्र कुमार, अजय कुमार आदि मौजूद थे। संवाद
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