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हाथरस : रो-रोकर बेहाल हैं यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के परिजन

Sat, 26 Feb 2022 12:29 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:29 AM IST
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Hathras: Families of students trapped in Ukraine are crying in pain
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ/सादाबाद (हाथरस)।
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रूस एवं यूक्रेन के मध्य युद्ध होने पर वहां पढ़ रहे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। अकेले सादाबाद कस्बे के ही छह विद्यार्थी अभी यूक्रेन में मौजूद हैं। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह दिन-रात ऊपर वाले से उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं। वह दिन में कई बार उनको वीडियो कॉल करके उनके हाल-चाल जान रहे हैं और एहतियातन उनको हॉस्टल में ही रहने की सलाह दे रहे हैं। परिजनों ने भारत सरकार से इन छात्रों की सकुशल घर वापसी के लिए भी गुहार लगाई है।
कस्बा के मोहल्ला प्रगतिपुरम निवासी अनुज के पुत्र दक्ष यूक्रेन में खारकीज शहर की मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में पांचवें वर्ष का छात्र है। यही एक ऐसा छात्र है, जो युद्ध क्षेत्र के पास है। जब मोबाइल फोन पर उससे बात की गई तो वहां से गोलों के धमाकों की आवाज साफ सुनाई दे रही थी। छात्र बुरी तरह से दहशतजदां है। वहां से निकले वाले सभी रास्तों के साथ एयरपोर्ट को भी रूसी सेना ने नष्ट कर दिया है।
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कस्बा के विनोबा नगर निवासी गुड़ व्यापारी दिनेशचंद्र गुप्ता की पुत्री शिवानी गुप्ता के पड़ोस में रहने वाले डॉ. माया चौधरी के पुत्र तरुण चौधरी भी यूजर्ड शहर के नेशनल मेडिकल कॉलेज में पांचवें वर्ष के विद्यार्थी हैं। युद्ध छिड़ने के बाद भी उनके परिजन काफी परेशान हैं। डॉ. माया का रो-रोकर बुरा हाल है। उन दोनों के परिजन ईश्वर से उनकी सही-सलामत स्वदेश वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। गुड़ व्यवसायी का पूरा परिवार अपने बच्चे की सलामती के लिए मंदिरों में जाकर देवी-देवताओं से मनौती मांग रहा है। यूक्रेन में फंसे सादाबाद के अन्य कई छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई है।
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बता दें कि कस्बा निवासी राजेश उपाध्याय की बेटी लिपि उपाध्याय यूक्रेन की टर्नोटिल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की छात्रा हैं। वह युद्ध की वजह से यूक्रेन में ही फंस गई हैं। ऐसे में उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता राजेश उपाध्याय ने बताया कि भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं की सहायता के लिए जो संपर्क सूत्र जारी किए थे, वह बंद आ रहे हैं। सरकार को भारतीय छात्र-छात्राओं की सुरक्षित भारत वापसी के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सादाबाद के कुलदीप उपाध्याय, आलोक चौधरी, अनुष्का गौतम भी यूक्रेन में फंसी हैं। ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उनका अब अपने बच्चों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। संवाद
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