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हाथरस: खुद के बेटे को कोरोना होने की दी झूठी सूचना, फोन करने पर की अभद्रता
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हाथरस: कोरोना संक्रमित होने की अफवाह पर गांव तिपरस पहुंची पुलिस।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आरोग्य सेतु एप से मिले सिग्नल के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम के फोन करने पर एक शराबी व्यक्ति ने अपने ही बेटे को कोरोना होना बता दिया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस के साथ पूरी तैयारी करके मौके पर पहुंची तो मामला पूरी तरह से झूठा निकला और सूचना देने वाला व्यक्ति मौके से गायब हो गया।
उल्लेखनीय है कि आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करते समय यदि व्यक्ति के द्वारा कोई बीमारी दर्शाई जाती है तो उसका डाटा सीधे राज्य स्तर पर संरक्षित हो जाता है। उसके बाद राज्य स्तर से सूचना जनपद स्तर पर बने कंट्रोल रूम को प्राप्त होती है, जिसमें व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर लिखा रहता है। जिले में जैसे ही यह डाटा प्राप्त होता है, जनपद की आरोग्य सेतु टीम उस व्यक्ति को फोन करती है और समस्या के बारे में बात करती है। उसके बाद मेडिकल टीम के द्वारा व्यक्ति के घर पर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
आरोग्य सेतु एप में दर्शाई थी सांस लेने में दिक्कत
इस क्रम में रविवार को हाथरस ब्लॉक के तिपरस निवासी एक व्यक्ति ने आरोग्य सेतु एप में सांस की समस्या दर्शाई, जिस पर आरोग्य सेतु एप की टीम ने फोन किया तो व्यक्ति ने बताया कि उसके बेटे को कोरोना हो गया है।
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सूचना मिलते ही टीम ने लिया एक्शन
इसकी जानकारी होने पर तत्काल टीम अलर्ट हो गई और मेडिकल टीम को इसकी जानकारी दी। मेडिकल टीम ने जब व्यक्ति से बात की तो व्यक्ति अजीब व्यवहार करने लगा और अभद्रता करने लगा। उसके बाद मेडिकल टीम 108 एंबुलेंस के साथ मय पुलिस फोर्स के व्यक्ति के घर पहुंची, जहां से व्यक्ति गायब मिला और उसकी पत्नी और बच्चे स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिले। यहां पर परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण करके वापस आ गई।
तिपरस के एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे को कोरोना संक्रमित होने की झूठी सूचना स्वास्थ्य विभाग को फोन पर दे दी थी, लेकिन गांव पहुंची टीम ने जांच क तो पूरा मामला झूठा निकला और फोन करने वाला भी मौके पर नहीं मिला। परिवार के सभी लोग स्वस्थ्य थे।
-मनोज कुमार शर्मा, एसएचओ कोतवाली हाथरस गेट।
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आरोग्य सेतु एप से मिले सिग्नल के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम के फोन करने पर एक शराबी व्यक्ति ने अपने ही बेटे को कोरोना होना बता दिया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस के साथ पूरी तैयारी करके मौके पर पहुंची तो मामला पूरी तरह से झूठा निकला और सूचना देने वाला व्यक्ति मौके से गायब हो गया।
उल्लेखनीय है कि आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करते समय यदि व्यक्ति के द्वारा कोई बीमारी दर्शाई जाती है तो उसका डाटा सीधे राज्य स्तर पर संरक्षित हो जाता है। उसके बाद राज्य स्तर से सूचना जनपद स्तर पर बने कंट्रोल रूम को प्राप्त होती है, जिसमें व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर लिखा रहता है। जिले में जैसे ही यह डाटा प्राप्त होता है, जनपद की आरोग्य सेतु टीम उस व्यक्ति को फोन करती है और समस्या के बारे में बात करती है। उसके बाद मेडिकल टीम के द्वारा व्यक्ति के घर पर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
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आरोग्य सेतु एप में दर्शाई थी सांस लेने में दिक्कत
इस क्रम में रविवार को हाथरस ब्लॉक के तिपरस निवासी एक व्यक्ति ने आरोग्य सेतु एप में सांस की समस्या दर्शाई, जिस पर आरोग्य सेतु एप की टीम ने फोन किया तो व्यक्ति ने बताया कि उसके बेटे को कोरोना हो गया है।
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सूचना मिलते ही टीम ने लिया एक्शन
इसकी जानकारी होने पर तत्काल टीम अलर्ट हो गई और मेडिकल टीम को इसकी जानकारी दी। मेडिकल टीम ने जब व्यक्ति से बात की तो व्यक्ति अजीब व्यवहार करने लगा और अभद्रता करने लगा। उसके बाद मेडिकल टीम 108 एंबुलेंस के साथ मय पुलिस फोर्स के व्यक्ति के घर पहुंची, जहां से व्यक्ति गायब मिला और उसकी पत्नी और बच्चे स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिले। यहां पर परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण करके वापस आ गई।
तिपरस के एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे को कोरोना संक्रमित होने की झूठी सूचना स्वास्थ्य विभाग को फोन पर दे दी थी, लेकिन गांव पहुंची टीम ने जांच क तो पूरा मामला झूठा निकला और फोन करने वाला भी मौके पर नहीं मिला। परिवार के सभी लोग स्वस्थ्य थे।
-मनोज कुमार शर्मा, एसएचओ कोतवाली हाथरस गेट।