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हाथरस : सिकंदराराऊ विधानसभा सीट पर रोमांचक मुकाबले के आसार

Wed, 16 Feb 2022 01:15 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 01:15 AM IST
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Hathras: Expected exciting contest in Sikandrarau assembly seat
मनोज माहेश्वरी, हाथरस।
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जिले की सिकंदराराऊ विधानसभा सीट पर जहां भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है तो वहीं बसपा, सपा और कांग्रेस में जीत के लिए छटपटाहट देखी जा सकती है। भाजपा के सामने इस सीट को बचाए रखने की चुनौती है तो अन्य दल यह चाहते हैं कि इस बार यह सीट उनके खाते में आ जाए।
ठाकुर बहुल इस सीट पर भाजपा को उम्मीद है कि यहां उसके पक्ष में ध्रुवीकरण होगा तो सपा और बसपा को जातीय समीकरणों से जीत की आस है। ऐसे में इस सीट पर इस बार रोमांचक मुकाबला होने के आसार हैं। सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र के जातिगत आंकड़े देखें तो इस सीट पर सबसे ज्यादा ठाकुर मतदाता हैं, लेकिन उसके बाद भी भाजपा अभी तक महज तीन बार ही इस सीट पर जीत हासिल कर पाई है।
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भाजपा ने वर्ष 2017 में यह सीट बसपा से छीनी थी। तब भाजपा के वीरेंद्र सिंह राना ने जीत हासिल की थी। इस बार भाजपा ने फिर वीरेंद्र सिंह राना को मैदान में उतारा है। बसपा ने इस सीट से उन्हीं के स्वजातीय अवधेश कुमार सिंह को टिकट दिया है तो सपा ने पिछड़े वर्ग की बघेल जाति के डॉ. ललित बघेल पर दांव लगाया है।
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भाजपा को उम्मीद है कि ऐन वक्त पर मोदी और योगी के नाम के सहारे वोटों का ध्रुवीकरण होगा और यह सीट पिछली बार की तरह ही उसके खाते में आ जाएगी। वहीं सपा यह आस लगाए बैठी है कि इस सीट पर उसका परंपरागत यादव और मुस्लिम वोट तो उसे मिलेगा ही, साथ ही बघेल बिरादरी का प्रत्याशी होने का लाभ भी उसे मिलेगा और जातीय समीकरणों के आधार पर वह इस सीट को जीत जाएगी।
बसपा वर्ष 2012 में इस सीट पर जीत हासिल कर चुकी है। उसे भी उम्मीद है कि ठाकुर बहुल इस सीट पर ठाकुर प्रत्याशी के सहारे ठाकुर मतदाताओं के वोट तो उसे मिलेंगे ही, साथ ही परंपरागत दलित वोटर भी उसका साथ देंगे। दलित के साथ मुस्लिम वोटर भी उसके पाले में आएंगे और इस सीट पर उसे विजयश्री हासिल होगी।
इधर, कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य की पत्नी छवि वार्ष्णेय को चुनाव मैदान में उतारा है और वह भी मुकाबले को चतुष्कोणीय बनाने में लगी हैं। हालांकि सभी दल विकास की बात कह रहे हैं, लेकिन लोगों की राय इससे अलग है।
गांव बोनई के प्रहलाद शर्मा कहते हैं कि छुट्टा जानवरों से हर कोई परेशान है। वह खेतों में जाकर फसल नष्ट कर रहे हैं और लोगों को इनसे जान का भी खतरा बना रहता है। गांव बाण अब्दुलहईपुर के आदित्य अग्निहोत्री कानून व्यवस्था की स्थिति से संतुष्ट दिखे।
उनका कहना था कि कानून व्यवस्था बेहतर है। हालांकि आदित्य अग्निहोत्री हसायन के इत्र उद्योग को सरकारी प्रोत्साहन न मिलने पर सरकार से नाराज दिखे। उनका यह भी कहना है कि सड़कों की दशा नहीं सुधरी। गांव कपसिया के महेंद्र सिंह सरकार कामकाज की तारीफ करते हैं।
उनका कहना है कि इस सरकार में कानून व्यवस्था ठीक है। जरूरतमंदों को राशन मिल रहा है। गांव कपसिया के रमेश यादव बेरोजगारी की समस्या हो उठाते हैं। वह कहते हैं कि सरकार ने घोषणा ही की हैं। काम नहीं किए। संवाद

वर्ष 2017 का परिणाम
-वीरेंद्र सिंह राना (भाजपा) 76,129
-बनी सिंह बघेल (बसपा) 61,357
-यशपाल सिंह चौहान (सपा) 59,740
प्रमुख मुद्दे
आवारा गोवंश, खारे पानी की समस्या, सिकंदराराऊ में ट्रॉमा सेंटर का चालू न होना, बस स्टैंड का निर्माण न होना, पुरदिलनगर के मूंगा-मोती और हसायन के इत्र उद्योग को बढ़ावा न मिलना।
कुल मतदाता 3,62,478
पुरुष मतदाता 1,96,601
महिला मतदाता 1,65,866
अनुमानित जातिगण आंकड़े
ठाकुर 90 हजार
यादव 45 हजार
बघेल 35 हजार
एससी 40 हजार
मुस्लिम 35 हजार
ब्राह्मण 15 हजार
वैश्य 12 हजार
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