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हाथरस : अत्यंत गरीबी के कारण नहीं दे सके बेटे के शव को कंधा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पश्चिमी बंगाल के एक युवक के शव का अंतिम संस्कार एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्टस (एडीएचआर) की देखरेख में समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया। मृतक के परिजन गरीबी के कारण अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। उनके अनुरोध पर पुलिस ने परिजनों को शव का अंतिम संस्कार मोबाइल फोन के माध्यम से लाइव दिखाया। अंतिम संस्कार की व्यवस्था में अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान सुनील अग्रवाल का खास सहयोग रहा।
हाथरस जंक्शन पुलिस को ग्राम भोपतपुर के निकट 18 वर्षीय युवक का शव रेलवे लाइन पर मिला था। शव पर गंभीर घाव थे। अनुमान है युवक की मृत्यु ट्रेन से गिरकर हुई थी। जेब से मिले आधार कार्ड में युवक का नाम सुशांत सोरेन निवासी उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल लिखा हुआ था। हाथरस जंक्शन पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से इस पते पर सूचना भिजवाई, लेकिन युवक का परिवार बहुत ज्यादा गरीब होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए यहां आने में असमर्थ रहा। वह बार-बार पुलिस से निवेदन करते रहे कि शव का अंतिम संस्कार करा दें और उनको उसके लाइव दर्शन करवा दें। 72 घंटे तक शव को पोस्टमार्टम गृह में रखा गया। उसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीण वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया।
समाजसेवियों द्वारा धार्मिक रीति रिवाज से शव का अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार को मोबाइल फोन से युवक के परिवार को लाइव, दिखाया गया। वहां पर पूरा गांव एक जगह इकट्ठा होकर इस दृश्य को देख रहा था। जवान युवक के जाने से उसके घर में करुण-क्रंदन का माहौल था। अंतिम संस्कार में अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान सुनील अग्रवाल, प्रवीण वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एडीएचआर, समाजसेवी सुनीत आर्य, प्रशांत कौशिक, नितिन अग्रवाल, आयोग दीपक, सुरजीत कुमार काली, जितेंद्र कुमार, बंटी भाई कपड़े वाले, श्रीकांत, होमगार्ड प्रेमपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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पश्चिमी बंगाल के एक युवक के शव का अंतिम संस्कार एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्टस (एडीएचआर) की देखरेख में समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया। मृतक के परिजन गरीबी के कारण अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। उनके अनुरोध पर पुलिस ने परिजनों को शव का अंतिम संस्कार मोबाइल फोन के माध्यम से लाइव दिखाया। अंतिम संस्कार की व्यवस्था में अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान सुनील अग्रवाल का खास सहयोग रहा।
हाथरस जंक्शन पुलिस को ग्राम भोपतपुर के निकट 18 वर्षीय युवक का शव रेलवे लाइन पर मिला था। शव पर गंभीर घाव थे। अनुमान है युवक की मृत्यु ट्रेन से गिरकर हुई थी। जेब से मिले आधार कार्ड में युवक का नाम सुशांत सोरेन निवासी उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल लिखा हुआ था। हाथरस जंक्शन पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से इस पते पर सूचना भिजवाई, लेकिन युवक का परिवार बहुत ज्यादा गरीब होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए यहां आने में असमर्थ रहा। वह बार-बार पुलिस से निवेदन करते रहे कि शव का अंतिम संस्कार करा दें और उनको उसके लाइव दर्शन करवा दें। 72 घंटे तक शव को पोस्टमार्टम गृह में रखा गया। उसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उसके उपरांत पुलिस द्वारा समाजसेवी सुनीत आर्य व प्रवीण वार्ष्णेय से शव के अंतिम संस्कार के लिए अनुरोध किया गया।
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समाजसेवियों द्वारा धार्मिक रीति रिवाज से शव का अंतिम संस्कार पत्थर वाली स्थित श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार को मोबाइल फोन से युवक के परिवार को लाइव, दिखाया गया। वहां पर पूरा गांव एक जगह इकट्ठा होकर इस दृश्य को देख रहा था। जवान युवक के जाने से उसके घर में करुण-क्रंदन का माहौल था। अंतिम संस्कार में अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान सुनील अग्रवाल, प्रवीण वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एडीएचआर, समाजसेवी सुनीत आर्य, प्रशांत कौशिक, नितिन अग्रवाल, आयोग दीपक, सुरजीत कुमार काली, जितेंद्र कुमार, बंटी भाई कपड़े वाले, श्रीकांत, होमगार्ड प्रेमपाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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