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हाथरस : कॉलेज में विद्यार्थियों के बीच समानता के लिए ड्रेस कोड जरूरी

Fri, 11 Feb 2022 12:58 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Feb 2022 12:58 AM IST
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Hathras: Dress code necessary for equality among students in college
कर्नाटक के उडुपी जिले में एक छात्रा के हिजाब पहनकर कॉलेज आने के मुद्दे के बाद राजनीतिक माहौल गर्माने को लेकर शिक्षाविदों का कहना है कि इस पर राजनीति करना ठीक नहीं है। स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों को ड्रेस कोड के हिसाब से ही आना चाहिए। इससे वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच समानता दिखती है। साथ कॉलेज में प्रवेश करने वाले बाहरी तत्वों के बारे में भी जानकारी मिलती है। संवाद
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जहां तक मेरा मानना है कि कॉलेज का एक निर्धारित ड्रेस कोड सही है। इससे विद्यार्थियों में ऊंच-नीच का भेदभाव भी नहीं होता है। हमारे कॉलेज में भी ड्रेस कोड है। ड्रेस में आने पर ही कॉलेज में छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है। इससे अपने कॉलेज की अपनी पहचान भी होती है।
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-डॉ. इंदु वार्ष्णेय, प्राचार्या आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज
कर्नाटक में जो कुछ हो रहा है, वह ठीक नहीं है। शिक्षण संस्थाओं में अनुशासन बेहद जरूरी है। कॉलेज का जो एक निर्धारित ड्रेस कोड है, उसी में विद्यार्थियों को कॉलेज जाना चाहिए। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
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-डॉ. अतीत श्रीवास्तव, प्राचार्य सरस्वती डिग्री कॉलेज
छात्र-छात्राओं को अपने कॉलेज के निर्धारित ड्रेस कोड में ही आना चाहिए। इससे विद्यार्थियों की पहचान भी होती है और बाहरी तत्वों के कॉलेज में प्रवेश पर रोक लगती है। ड्रेस कोड को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति करना गलत होगा।
-डॉङ महावीर सिंह छौंकर, प्राचार्य बागला डिग्री कॉलेज
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