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हाथरस जिला अस्पताल: बिजली गुल, टॉर्च-मोबाइल की रोशनी में देखे मरीज, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित
Fri, 26 Dec 2025 11:44 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 26 Dec 2025 11:44 AM IST
सार
हाथरस जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुर्वेद व होम्योपैथी चिकित्सालय की बिजली ठीक नहीं हो पा रही। एक सप्ताह में तीन बार खराब हो चुकी है। सात दिनों से ओपीडी अंधेरे में ही चल रही हैं।
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ओपीडी में मोबाइल टॉर्च जलाकर खड़े मरीज, टॉर्च जलाकर कान का परीक्षण करते चिकित्सक
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हाथरस जिला अस्पताल में 25 दिसंबर की सुबह 11 बजे तक की ओपीडी थी और साढ़े 10 बजे बिजली चली गई, जिससे ओपीडी में चिकित्सकों को आधा घंटे तक मरीजों को टॉर्च व मोबाइल की रोशनी में देखना पड़ा, जबकि काफी मरीज बिना परामर्श लिए मायूस होकर लाैट गए। एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सेवा भी प्रभावित रही।
इधर, अस्पताल परिसर में बने आयुर्वेदिक व होम्योपैथी चिकित्सालय में एक सप्ताह बाद भी बिजली की समस्या दूर नहीं हुई है। क्रिसमस-डे के चलते बृहस्पतिवार को ओपीडी सुबह केवल 11 बजे तक की थी। सुबह से ही मरीजों भारी भीड़ रही। सुबह 11 बजे तक लगभग साढ़े चार सौ मरीजों के पर्चे बन चुके थे। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन पर भी मरीजों की भीड़ थी। सुबह लगभग साढ़े 10 बजे अचानक बिजली चली गई। स्थानीय कर्मचारी ने बताया कि कोई फॉल्ट हुआ है। इस कारण सभी सेवाएं कुछ देर के लिए थम गईं। ओपीडी में बैठे चिकित्सक जेनरेटर चालू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन 20 मिनट तक जेनरेटर ही नहीं चला।
मरीजों ने जब शिकायत करना शुरू किया तब एक कर्मचारी ने जनरेटर चालू किया। जनरेटर चालू होते ही स्वतंत्र फीडर का फॉल्ट भी ठीक हो गया और बिजली आ गई। मरीज अंधेरे में बैठे रहे। इस बीच ओपीडी का समय खत्म होने से काफी मरीज बिना परामर्श लिए ही लाैट गए।इधर, नाक, कान व गला रोग विभाग में टॉर्च की रोशनी में काउंसलर को परीक्षण करना पड़ा। मरीज मोबाइल की लाइट जलाकर लाइन में खड़े नजर आए। बिजली आने के 10 मिनट बाद 11 बजते ही अस्पताल बंद हो गया। इस कारण कई मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। इधर, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी 20 मिनट के लिए अंधेरा छाया रहा।
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एक सप्ताह से नहीं आ रही लाइट
जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुर्वेद व होम्योपैथी चिकित्सालय की बिजली ठीक नहीं हो पा रही। एक सप्ताह में तीन बार खराब हो चुकी है। सात दिनों से ओपीडी अंधेरे में ही चल रही हैं। बुधवार को बिजली ठीक कराई गई थी, लेकिन कुछ घंटे बाद फिर खराब हो गई। स्टाफ ने बताया कि बार-बार बंदर केबल हिला जाते हैं, जिससे फॉल्ट हो जाता है। डीएचओ डाॅ. अशोक चौहान ने बताया कि बिजली सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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इधर, अस्पताल परिसर में बने आयुर्वेदिक व होम्योपैथी चिकित्सालय में एक सप्ताह बाद भी बिजली की समस्या दूर नहीं हुई है। क्रिसमस-डे के चलते बृहस्पतिवार को ओपीडी सुबह केवल 11 बजे तक की थी। सुबह से ही मरीजों भारी भीड़ रही। सुबह 11 बजे तक लगभग साढ़े चार सौ मरीजों के पर्चे बन चुके थे। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन पर भी मरीजों की भीड़ थी। सुबह लगभग साढ़े 10 बजे अचानक बिजली चली गई। स्थानीय कर्मचारी ने बताया कि कोई फॉल्ट हुआ है। इस कारण सभी सेवाएं कुछ देर के लिए थम गईं। ओपीडी में बैठे चिकित्सक जेनरेटर चालू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन 20 मिनट तक जेनरेटर ही नहीं चला।
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मरीजों ने जब शिकायत करना शुरू किया तब एक कर्मचारी ने जनरेटर चालू किया। जनरेटर चालू होते ही स्वतंत्र फीडर का फॉल्ट भी ठीक हो गया और बिजली आ गई। मरीज अंधेरे में बैठे रहे। इस बीच ओपीडी का समय खत्म होने से काफी मरीज बिना परामर्श लिए ही लाैट गए।इधर, नाक, कान व गला रोग विभाग में टॉर्च की रोशनी में काउंसलर को परीक्षण करना पड़ा। मरीज मोबाइल की लाइट जलाकर लाइन में खड़े नजर आए। बिजली आने के 10 मिनट बाद 11 बजते ही अस्पताल बंद हो गया। इस कारण कई मरीजों को मायूस लौटना पड़ा। इधर, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी 20 मिनट के लिए अंधेरा छाया रहा।
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एक सप्ताह से नहीं आ रही लाइट
जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुर्वेद व होम्योपैथी चिकित्सालय की बिजली ठीक नहीं हो पा रही। एक सप्ताह में तीन बार खराब हो चुकी है। सात दिनों से ओपीडी अंधेरे में ही चल रही हैं। बुधवार को बिजली ठीक कराई गई थी, लेकिन कुछ घंटे बाद फिर खराब हो गई। स्टाफ ने बताया कि बार-बार बंदर केबल हिला जाते हैं, जिससे फॉल्ट हो जाता है। डीएचओ डाॅ. अशोक चौहान ने बताया कि बिजली सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्थायी समाधान कराया जाएगा।