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हाथरस : देवशयनी एकादशी : घर-घर हुई पूजा, मंदिरों में हुए कार्यक्रम
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हाथरस : पूजा करतीं महिला। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
देवशयनी एकादशी के मौके पर मंगलवार को घर-घर में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना हुई। मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। भगवान विष्णु के योग निद्रा में चले जाने के कारण अब अगले चार के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस मौके पर शाम मंदिरों में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के भव्य शृंगार किए गए। भजन-कीर्तन भी हुआ।
देवशयनी एकादशी के मौके पर घर-घर मिट्टी के धोंधा रखे गए। उनकी पूजा की गई। भगवान विष्णु की प्रतिमाओं का पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान विष्णु के स्वरूप को चौकी पर विराजमान किया गया। सोने-चांदी से भगवान विष्णु की शैया को सजाया गया। पीले रंग का कपड़ा बिछाया गया। भगवान से सुख समृद्धि की कामना की गई।
बुधवार से चतुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। चतुर्मास में जप और पूजा आदि का विशेष महत्व है। शहर के दाऊजी मंदिर और रुई की मंडी स्थित कन्हैया जी मंदिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना की गई और शाम को भजन-कीर्तन हुआ। अब चतुर्मास की समाप्ति के बाद देवोत्थान एकादशी से फिर से शहनाई की गूंज सुनाई देगी।
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देवशयनी एकादशी के मौके पर मंगलवार को घर-घर में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना हुई। मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। भगवान विष्णु के योग निद्रा में चले जाने के कारण अब अगले चार के लिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस मौके पर शाम मंदिरों में देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के भव्य शृंगार किए गए। भजन-कीर्तन भी हुआ।
देवशयनी एकादशी के मौके पर घर-घर मिट्टी के धोंधा रखे गए। उनकी पूजा की गई। भगवान विष्णु की प्रतिमाओं का पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान विष्णु के स्वरूप को चौकी पर विराजमान किया गया। सोने-चांदी से भगवान विष्णु की शैया को सजाया गया। पीले रंग का कपड़ा बिछाया गया। भगवान से सुख समृद्धि की कामना की गई।
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बुधवार से चतुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। चतुर्मास में जप और पूजा आदि का विशेष महत्व है। शहर के दाऊजी मंदिर और रुई की मंडी स्थित कन्हैया जी मंदिर में सुबह विशेष पूजा-अर्चना की गई और शाम को भजन-कीर्तन हुआ। अब चतुर्मास की समाप्ति के बाद देवोत्थान एकादशी से फिर से शहनाई की गूंज सुनाई देगी।
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