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हाथरस: तमिलनाडु में फंसे लोगों को वापस गांव बुलाने की मांग
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र के गांव बरामई के करीब करीब 30 मजदूर तमिलनाडु में फंसे हुए हैं। बरामई के रहने वाले राकेश, नाहर, आशा देवी, वंदना, मोहन, शारदा, बनवारी, किशन, उर्मिला, महेंद्र, दीपेश, पिंटू आदि लोगों के परिजनों ने बताया कि गांव से करीब 30 लोग तमिलनाडु में दिहाड़ी मजदूरी का काम करने फरवरी माह में गए थे।
पहुंचने के बाद उन लोगों ने कुछ ही दिन अपना काम शुरू किया था, जिसके बाद कोरोना महामारी को लेकर लॉकडाउन हो गया। इस वजह से वह लोग अपने गांव नहीं आ सके।
कुछ दिन कमाए हुए पैसों से ही अब तक वह अपना भरण-पोषण करते आ रहे हैं, लेकिन अब उनके पास खर्चा, भोजन पानी के लिए पैसे नहीं है, जिससे वह लोग काफी परेशान है। तमिलनाडु में फंसे लोग व उनके परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि वह लोग अपने घर वापस आ जाएं।
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क्षेत्र के गांव बरामई के करीब करीब 30 मजदूर तमिलनाडु में फंसे हुए हैं। बरामई के रहने वाले राकेश, नाहर, आशा देवी, वंदना, मोहन, शारदा, बनवारी, किशन, उर्मिला, महेंद्र, दीपेश, पिंटू आदि लोगों के परिजनों ने बताया कि गांव से करीब 30 लोग तमिलनाडु में दिहाड़ी मजदूरी का काम करने फरवरी माह में गए थे।
पहुंचने के बाद उन लोगों ने कुछ ही दिन अपना काम शुरू किया था, जिसके बाद कोरोना महामारी को लेकर लॉकडाउन हो गया। इस वजह से वह लोग अपने गांव नहीं आ सके।
कुछ दिन कमाए हुए पैसों से ही अब तक वह अपना भरण-पोषण करते आ रहे हैं, लेकिन अब उनके पास खर्चा, भोजन पानी के लिए पैसे नहीं है, जिससे वह लोग काफी परेशान है। तमिलनाडु में फंसे लोग व उनके परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि वह लोग अपने घर वापस आ जाएं।
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